सरकारी अस्पताल में कमीशनखोरी

Lokjan Today: राजीव चावला/अज़हर मलिक/-काशीपुर

काशीपुर: भले ही इस प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की बात कर रही हो लेकिन प्रदेश सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत के विभागीय अधिकारी कमीशन खोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसका नतीजा है सरकारी अस्पताल में होने वाली जांचे भी अस्पताल के बाहर बनी निजी लेबर से करवाई जा रही है। जिस का विरोध करने पर चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अस्पताल से भगा दिया जाता है।

मामला काशीपुर के सरकारी अस्पताल का है जहां काशीपुर निवासी इसरार हुसैन अपनी बीमारी को दूर कराने के लिए सरकारी अस्पताल में गए थे। उपचार के दौरान चिकित्सक अमरजीत सिंह साहनी ने इसरार हुसैन को खून की जांचों को करने के लिए अस्पताल के बाहर बनी निजी लेब के लिये कह दिया। जिसके बाद इसरार हुसैन के भाई मुख्त्यार हुसैन ने जब चिकित्सक अमरजीत सिंह साहनी से अपने गरीबी का हाल बताया तो चिकित्सक अमरजीत सिंह तीमारदार पर भड़क उठे और उनके भाई को अस्पताल में चल रही ग्लूकोस की बोतल हटाकर बाहर भेज दिया। जिसके बाद मुख्त्यार सिंह ने मामले की जानकारी काशीपुर के जनप्रतिनिधियों को दी। जानकारी मिलते ही काशीपुर के जनप्रतिनिधि सरकारी अस्पताल पहुंच गए और सीएमएस वीके टम्टा से वार्ता की। बता दें कि जिन जातियों के लिए चिकित्सक अमरजीत सिंह ने मरीज को बाहर से कराने के लिए कहा था वह जांचे काशीपुर के सरकारी अस्पताल में कराई जा सकती हैं लेकिन कमीशन खोरी का भूत सरकारी चिकित्सकों पर इस तरह हावी हो चुका है कि वह जनता की सुनने के लिए जरा भी तैयार नहीं है।

वही जब इस मामले में सीएमएस वीके टम्टा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि काशीपुर के सरकारी अस्पताल में सभी जांच की जाती हैं। अगर चिकित्सक द्वारा ऐसा कार्य किया गया है तो उनको नोटिस भेजकर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *