इलाहबाद की कुम्भ बेहतर है उत्तराखंड से
जूना अखाड़े के प्रवक्ता श्री महंत नारायण गिरी महाराज का कहना है कि दशनाम जूना अखाड़े के देश विदेश में जितने भी संत हैं उनके द्वारा 2021 के कुंभ को लेकर हरी गिरी महाराज की अध्यक्षता में यह बैठक बुलाई गई है इस बैठक का उद्देश्य है 2021 को में किस तरह से पूरी व्यवस्था बनाई जाए उसको लेकर मंथन किया गया है हरिद्वार में होने वाले कुंभ की व्यवस्था को लेकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करेंगे और उनको अवगत कराएंगे कि जितने भी कार्य अधूरे पड़े हैं उनको जल्द से जल्द पूरा कराया जाए जिस तरह से इलाहाबाद कुंभ में व्यवस्था की गई थी हम चाहते हैं उसी तरीके से हरिद्वार कुंभ की भी व्यवस्था की जा सके क्योंकि हरिद्वार विश्व पटल पर हिंदुओं का सबसे महान तीर्थ स्थान है हमें लगता है यहां पर अच्छी व्यवस्था हमें मिल पाएगी
कुंभ का एक और इतिहास भी रहा है साईं स्नान को लेकर अखाड़े एक दूसरे के विरोधी भी हो जाते हैं पूर्व में कई ऐसे कुंभ रहे हैं जिसमें अखाड़ों में खूनी संघर्ष देखने को मिला है श्री महंत नारायण गिरी का कहना है कि इस वक्त ऐसा कोई भी किसी भी अखाड़ों में विवाद नहीं है पूर्व में जो भी रहा होगा मगर अब सभी अखाड़ों का सामान्य है आपस में 13 अखाड़ों का अखाड़ा परिषद सभी की सहमति से जैसे इलाहाबाद कुंभ को अच्छी तरह से संपन्न कराया उसी तरह से हरिद्वार का कुंभ भी संपन्न कराया जाएगा
हरिद्वार में सबसे ज्यादा परेशानी का सबक नेशनल हाईवे बना हुआ है इसी को लेकर संत समाज भी काफी आक्रोशित नजर आ रहा है अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरी गिरी का कहना है कि इस बैठक में गंभीर रूप से मंथन किया गया है कि हरिद्वार में सबसे ज्यादा ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है इलाहाबाद कुंभ को देखते हुए यहां ट्रैफिक की समस्या है उसको सही किया जाए सिर्फ हाईवे से पूरी तरह से काम नहीं होगा नहर के किनारे जो रोड जा रही है उसे कावड़ के वक्त खोली जाती है उसको भी हाईवेे में जोड़ देना चाहिए इससे ट्रैफिक पूरी तरह से कंट्रोल हो जाएगा इसको लेकर बैठक में चिंतन किया गया हमारे द्वारा एक बैठक और बढ़ाई गई है क्योंकि चुनाव चल रहे थे चुनाव के बाद जिन मुख्यमंत्रीयो से हमें मिलना है और जिस केंद्रीय मंत्री से हमें मिलना है वो चुनाव के बाद हम मिलकर सभी से व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने का आग्रह करेंगे
महाकुंभ 2021 में कुछ ही समय शेष बचा है लेकिन इसके बावजूद ना तो शासन और ना ही प्रशासन में कुंभ को लेकर कोई चिंता नजर आ रही है व्यवस्थाओं का आलम यदि यही रात हो कुंभ 2021 अव्यवस्थाओं के लिए जाना जाएगा इसको लेकर संत समाज भी अब मुखर होता जा रहा है अब देखना होगा सरकार इस तरफ क्या ध्यान देती है
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