तृतीय बाबा केदार तुंगनाथ धाम के शिखर में बैठा व्यक्ति का फोटो का वायरल सच

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रुद्रप्रयाग

सोशल मीडिया में एक फोटो वायरल हो रहा था जिसमें एक व्यक्ति बाबा केदार तुंगनाथ धाम मंदिर के शिखर पर बैठा हुआ दिखाई दे रहा था सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने फोटो का संज्ञान लेते हुए वायरल सच का पता लगाया

 

वायरल_हो_रही_फोटो_का_खण्डन

अवगत कराना है कि सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति तृतीय बाबा केदार तुंगनाथ धाम के शिखर में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है।
इस वायरल फोटो के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने थानाध्यक्ष ऊखीमठ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। थानाध्यक्ष ऊखीमठ द्वारा इस मामले की वास्तविकता जानने हेतु श्री बदरीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऊखीमठ के कार्यालय से सम्पर्क स्थापित कर जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि श्री तुंगनाथ मन्दिर के शीर्ष छतरी के पुनर्निर्माण कार्य हेतु बीकेटीसी के स्तर से निविदा निकाली गयी थी, जिस क्रम में वर्तमान समय में तुंगनाथ मन्दिर के शीर्ष छतरी का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है।
इस सम्बन्ध में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री केदारनाथ मन्दिर समिति द्वारा भी लिखित में थानाध्यक्ष ऊखीमठ को अवगत कराया गया है कि “तृतीय केदार श्री तुंगनाथ की शीर्ष छतरी निर्माण हेतु मंदिर समिति द्वारा दिनांक 29/08/23 को निविदा आमंत्रित की गई थी जिसमें कि कलम सिंह ग्राम व पो0 सुभाई, तहसील जोशीमठ की निविदा स्वीकृत की गई थी, उनके द्वारा विकास नगर, देहरादून के कारीगरों द्वारा उक्त कार्य करवाया जा रहा है, जिसमें मजदूर ऊपर बैठकर नीचे से सामग्री भेजी जाती है उसे सुरक्षित रख रहा है इसमें किसी भी प्रकार से कोई अनैतिक कार्य नहीं किया जा रहा है। यह कार्य भगवान की शीर्ष छतरी निर्माण का है, ये कार्य काफी सुरक्षात्मक एवं धार्मिक आधार पर किया जाता है। अतएव इस प्रकार से उक्त प्रकरण पर सोशल मीडिया में जो प्रचार किया जा रहा है वह भ्रामक एवं अशोभनीय है। उपरोक्ततानुसार सादर सूचना।
उक्त वायरल हो रहे फोटो इत्यादि को तुंगनाथ धाम के दर्शनार्थ आये किसी व्यक्ति द्वारा वायरल किया गया है, जिसमें कि लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर अपने अनुसार पोस्ट किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि वर्तमान समय में तुंगनाथ मंदिर की शीर्ष छतरी का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है, जिस सम्बन्ध में अन्य फोटोग्राफ निम्नानुसार हैं।
अतः उक्तानुसार वायरल फोटो का खण्डन किया जाता है।


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