दीपावली पर उल्लू की बलि और तस्करी रोकने के लिए STF अलर्ट, शिकार करने वालों को हो सकती है 7 साल तक की जेल!

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लोकजन टुडे, देहरादून

देहरादून। दीपावली और धनतेरस के मौके पर तंत्र-मंत्र और धन प्राप्ति के अंधविश्वास में उल्लुओं की बलि दिए जाने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ सतर्क हो गई है। त्योहारों के दौरान वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ की वाइल्डलाइफ यूनिट को सक्रिय किया गया है।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दीपावली के आसपास अंधविश्वास के चलते उल्लुओं के शिकार और उनकी तस्करी की आशंका रहती है। इसे देखते हुए ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वाइल्डलाइफ यूनिट अपने स्तर से जानकारी जुटाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रही है।

शिकार और तस्करी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित वन्यजीवों का शिकार करना, उनकी अवैध खरीद-फरोख्त या तस्करी करना दंडनीय अपराध है। अपराध की प्रकृति और संबंधित कानूनी धाराओं के आधार पर दोषियों को तीन से सात साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

एसटीएफ ने आम लोगों से भी अपील की है कि धन प्राप्ति या किसी अन्य लालच में अंधविश्वास का सहारा न लें। उल्लू सहित किसी भी वन्यजीव की बलि या उसके शिकार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचित करें।

एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों की आड़ में वन्यजीवों का शिकार और तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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