ड्रामा १ करोड़ की रकम डकारने का !

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उत्तराखंड में आईजी की गाड़ी से प्रापर्टी डीलर को पुलिसकर्मियों द्वारा लूटने के इस मामले की तहकीकात ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रही है, बतौर मास्टर माइंड नामजद आरोपी कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा का चेहरा उभर रहा है लेकिन सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि १ करोड़ की रकम चुनाव खर्चे के लिए नहीं बल्कि आपस की देनदारी को निपटाने के लिए ये खेल खेला गया था…जानकार बताते हैं कि ये सारा ड्रामा १ करोड़ की रकम को डकारने का था और इस गेम के मास्टर माइंड को इस बात का बहुत अच्छे से पता था कि आजकल पुलिस और सरकारी एजेन्सिया काले धन का दुरूपयोग रोकने के लिए धर-पकड़ में जुटी हुई है इसी क्रम में मास्टर माइंड ने अपने ही मित्र की उधारी उतारने के लिए अपने ही मित्र को निशाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी और इसमें उसने अपने कुछ सहयोगियों की भी मदद ली जिनका आने वाले समय में नाम जगजाहिर हो जाएगा..
सूत्र तो यहाँ तक बता रहे है कि बैग में कोई रकम ही नहीं थी

और न ही पीड़ित को बैग में रखी रकम दिखाई गयी थी उक्त क्लब की फुटेज में भी मैनेजर बैग लेकर गाडी में रखता नज़र आ रहा है सूत्र बताते है कि पीड़ित को वंहा न रकम गिनने दी गयी और न ही उसे बैग में रखी धनराशि दिखाई गयी……..

कॉल डिटेल से इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अनुपम ने ही प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार को फोन कर डब्लूआईसी क्लब बुलाया था। लूट की घटना में दरोगा दिनेश नेगी की संलिप्तता उजागर होने के बाद अनुपम शर्मा पर पुलिस का शक और गहरा गया था, क्याेंकि दोनों के रिश्ते जगजाहिर हैं। यही वजह है कि पुलिस ने अनुपम और दरोगा की पुलिस लाइन से लेकर डब्लूआईसी में मूवमेंट तक के तमाम फुटेज जुटाए हैं।

 

 

सूत्रों का दावा है कि जब रकम ही नहीं तो बरामदगी कैसे होगी…..किसी भी अपराध के रजिस्टर्ड होने के बाद पुलिस को उक्त आरोपी दरोगा अवं सिपाहियों से कैसे कराएगा बरामदगी एक बड़ा सवाल है इसी कड़ी ये भी पता चला है कि उक्त आरोपियों से धरती आसमान भी एक कर ले तब भी पुलिस इनसे बरामदगी नहीं करा सकती है क्यूंकि मास्टरमाइंड के प्लान के अनुसार यही कहानी बनाई गयी थी… कहानी में मास्टरमाइंड के पास न तो १ करोड़ थे और उसे वो रकम लौटानी भी थी इसी के चलते मास्टरमाइंड ने मित्र पुलिस की मित्रता का फायदा उठाया और उन्हें भी इस षड्यंत्र में भागीदार बना लिया …सूत्रों की माने तो इस घटना के बाद जब मित्र दरोगा ने मास्टरमाइंड को बताया कि इस बैग में कुछ नहीं है तो उक्त मास्टरमाइंड ने अपने मित्र दरोगा से भी झूठ बोलते हुए बताया कि तुमने उसकी सही से गाडी चेकिंग नहीं कि जिसकी वजह से वो बच निकला है और हमारा ख़ासा नुक्सान हो गया है जिस पर मित्र दरोगा भी शांत हो होकर घर निकल गया…

 


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