Big Breaking: अनुसूचित जाति आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी को किया तलब!

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एससी युवक की मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी को किया तलब

अभिषेक सिन्हा लोकजन टुडे
लोकजन टुडे, देहरादूनः टिहरी जनपद के नैनबाग क्षेत्र के एक गांव के एससी युवक मौत प्रकरण पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया है। अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई से हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी समेत छह आला अफसरों को तलब कर लिया है। आयोग ने सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख मुकर्रर की है। इससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बताते चलें कि अनुसूचित जाति के युवक की दबंग सवर्णों की पिटाई से मौत के मामले में दर्ज मुकदमा हत्या में तब्दील कर दिया गया है। साथ ही तीन आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया।

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण मृतक का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इधर, युवक के शव का पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में दाह संस्कार किया गया। घटनाक्रम से नाराज परिजनों ने इससे पहले नैनबाग में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समक्ष शव के साथ प्रदर्शन किया। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के एसडीएम के आश्वासन पर वह शांत हुए।
टिहरी जिले के कैंम्पटी थाना क्षेत्र में बीती 26 अप्रैल को श्रीकोट गांव में शादी समारोह में यह घटना हुई थी। आरोप है कि खाने के दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर बसाण गांव निवासी अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र को कुछ सवर्णों ने बुरी तरह पीट दिया था। स्टाल से खाना लेकर लौटे एक व्यक्ति के साथ कुर्सी को लेकर जितेंद्र की कहासुनी हो गई थी। घायल जितेंद्र ने बीते रोज देहरादून स्थित श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

जितेंद्र की बहन पूजा ने घटना के अगले ही रोज गांव के सात लोगों के खिलाफ कैंम्पटी थाने में मारपीट और एससी—एसटी एक्ट के तहत का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
उपचार के दौरान जितेंद्र की मौत के बाद परिजनों ने नामजद आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर देहरादून में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। वह शव लेकर सीएम आवास जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अस्पताल के पास ही रोक लिया। किसी तरह देर रात मामला शांत हुआ।

सोमवार सुबह परिजन शव के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। मृतक की बहन पूजा ने आरोप लगाया गया कि पुलिस आरोपितों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस बीच, हंगामे की सूचना पर धनोल्टी के एसडीएम रजा अब्बास भी वहां पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में यमुना नदी किनारे शव का दाह संस्कार किया गया।

टिहरी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अनुसूचित जाति के युवक की मौत के बाद परिजनों के बयानों के आधार पर सात ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। तीन आरोपितों सोबत सिंह, गजे सिंह और हुकुम सिंह को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी को दशिब दी जा रही हैं। घटनाक्रम के सिलसिले में एसपी डा. रावत सोमवार को श्रीकोट गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी हासिल की।


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