शब-ए-बारात की रात मे खुदा की इबादत करें:आरिफ खान

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लोकजन टुडे: काशीपुर। मुस्लिम समुदाय का इस्लामिक महीना शाबान अभी चल रहा है। इस महीने का इस्लाम धर्म में काफी महत्व है। महीना शुरू हाेते ही मुसलमानाें काे कब्राें व पुरखाें का ख्याल जेहन में अाने लगता है।पुरखों काे शवाब पहुंचाने की नीयत से घराें में कुरअानख्वानी, फातिहाख्वानी व मिलाद की जाती है।
भूखाें व गरीबाें काे खाना खिलाया जाता है अाैर सदका करते हैं। इसी महीने की चाँद की 15 तारीख काे मुस्लिम समुदाय के लोग रात भर जाग कर खुदा की इबादत करते हैं। इस रात जाग कर इबादत करने वाले के गुनाहाें काे खुदा माफ कर देता है। साथ ही इस रात में मुस्लिम समुदाय के लोग अपने पुरखो की कब्राें पर जाते हैं अाैर उनके मगफिरत की खुदा से दुअा करते हैं। शब-ए-बारात की तैयारी काे लेकर कब्रिस्तानाें की साफ सफार्इ व वहां जाने वाले रास्तों पर रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। जनशक्ति विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ आरिफ खान ने बताया कि इस रात मुसलमानाें काे अपने पुरखाें की कब्र पर जाकर कुरअान की अायताें का तिलावत कर मगफिरत की दुअा करनी चाहिए। घराें में नमाज व कुरअान की तिलावत करनी चाहिए।15वीं की रात खुदा बंदाें काे अावाज देते हैं कि है काेर्इ गुनाहगार, बीमार व मजलूम जिसे बख्श दूं, शिफा अता करूं व रिज्क दूं। इसलिए बंदाें काे खुदा की इबादत करनी चाहिए। कब्रिस्तान जाते वक्त या कब्राें काे तलाशते वक्त मुसलमानाें काे यह ख्याल रखना चाहिए कि कब्र पर पैर ना पड़े। उन्होंने सभी मुस्लिम आवाम से गुज़ारिश की है सहरी खाकर रोजा जरुर रखे


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