दिल्ली क्राईम ब्रांच करेगी रोहित हत्याकांड की जाँच

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लोकजन टुडे, देहरादूनः उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे स्व नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की अचानक हुई मौत से हर कोई स्तब्ध थे। उनकी मौत के बाद एक बड़ा सवाल उठ रहा था कि आखिर क्या हो गया रोहित को.. उनकी मौत की खबर ने सबको चौका दिया था कल रात जब रोहित शेखर कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आयी तो उसने सबके शक को सच में तब्दील कर दिया जैसा कीसभी अनुमान लगा रहे थे कि रोहित एक दम स्वस्थ है और उन्हें ऐसी कोई भी घातक बीमारी नहीं थी लेकिन अचानक रोहित को क्या हो गया परिवार के लोगो को पहले ही कुछ शक हो रहा था रोहित की मौत के समय वो घर में अकेले ही थे माँ उजवला की तबियत ख़राब थी और खुद हॉस्पिटल में एडमिट थी चूँकि घर में कोई भी नहीं था और रोहित भी देर रात हॉस्पिटलसे लौटे थे इसीलिए अगली सुभे उन्हें किसी ने जल्दी उठाने का प्रयास भी नहीं किया सूत्रों की माने तो मौत के समय रोहित के कमरे में दो लोग थे और सूत्र तो यंहा तक बताते है कि रोहित के गले पर एक कट का निशाँ भी था अगर भरोसा किया जाए तो तकिया से दबाकर रोहित की जान ली गयी है क्यों कि मौत के समय तकिया पर खूनलगा था और रोहित से भी खून निकल रहा था इन सभी साक्ष्यों को पुलिस ने दर्ज भी किया था और जब रोहित की pm रिपोर्ट परिवार को मिली तो परिवार के ही नजदीकी ने पुलिस को सुचना दी जिसके बाद मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौप दिया गया

16 अप्रैल को दिल्ली s स्थित उनके आवास पर रोहित की अचानक मौत हो गई थी। मौत से पहले उन्होंने कई पत्रकारों को फोन किया था। हालांकि कोई भी पत्रकार रोहित का फोन रिसीव नहीं कर सके। वहीं उन्होंने अपनी भाभी कुमकुम को भी 16 अप्रैल को सुबह सवा चार बजे फोन किया था, लेकिन वह भी किसी कारण से फोन नहीं उठा पाईं। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि रोहित मौत से पहले कोई बात बताना चाह रहे थे। उज्ज्वला के भतीजे राजीव उर्फ पप्पू भईया और उनकी पत्नी कुमकुम दिल्ली में रोहित शेखर के साथ रहते हैं। रोहित के निधन के तीन दिन बाद भी उनकी मौत के कारणों से पर्दा नहीं उठ पाया है।

उससे पहले अप्रैल में रोहित की सगाई मध्यप्रदेश की अपूर्वा शुक्ला से हुई थी। रोहित और अपूर्वा की सगाई रोहित के दिल्ली स्थित आवास पर हुई थी। वहीं मई 2018 में रोहित और अपूर्वा की शादी हुई थी। शादी के बाद रोहित और अपूर्वा पिता का आशीर्वाद लेने के लिए अस्पताल गए थे। वहीं 18 अक्टूबर को रोहित शेखर ने अस्पताल में ही पिता का जन्मदिन मनाया था, जिस दिन उनका निधन हो गया था। रोहित ने जनवरी 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। रोहित तिवारी परिवार के साथ सोमवार को उत्तराखंड से दिल्ली लौटा था। वे उत्तराखंड वोट डालने गए थे। रोहित व उसकी पत्नी और नौकर एक कार में थे, जबकि मां उज्जवला अलग कार में थी। रात करीब साढ़े नौ बजे वे लोग दिल्ली पहुंचे थे। खाना खाकर रात करीब 11ः30 रोहित सो गया था। रोहित सुबह देर से उठता था इसलिए कोई उसे जगाता नहीं था। रोहित एक से दो बजे के बीच जग जाता था। जब वह जगा नहीं तो पत्नी के कहने पर नौकर गोलू रोहित को जगाने गया। रोहित बेसुध पड़ा था। उसकी नाक से खून निकल रहा था और तकिये पर पड़े खून के धब्बे सूख से गए थे। गोलू ने ये जानकारी परिवार के लोगों को दी। एंबुलेंस बुलाकर रोहित को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


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