चारधाम यात्रा में हो रही अव्यवस्थाओं के मामले पर नैनीताल हाई कोर्ट ने सख्त

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उत्तराखण्ड
नैनीताल। चारधाम यात्रा में हो रही अव्यवस्थाओं के मामले पर नैनीताल हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को 4 सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पर्यटन और सचिव श्रीबद्री, श्रीकेदार मंदिर समिति और चारधाम क्षेत्र की सभी जिला पंचायतों को मामले में पक्षकार बनाने के आदेश दिए हैं।


आपको बता दें कि महाराष्ट्र हाई कोर्ट के न्यायाधीश केआर श्रीराम ने नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर कहा था कि उत्तराखंड में आयोजित होने वाली चारधाम यात्रा में काफी अवस्थाएं हैं। चारधाम आने वाले यात्रियों के चलने के लिए ना तो सड़क है ना ही यात्रियों के लिए खच्चर और डोलियों की अच्छी व्यवस्था। जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जज ने पत्र में कहा कि चारधाम में आपदा का इंतजार हो रहा है। यमुनोत्री में तत्काल सुरक्षा के उपाय करने की जरूरत है।
साथ ही जज ने कहा कि यात्रा मार्ग में कई किलोमीटर तक कोई पुलिस का जवान मौजूद नहीं रहता है। साथ ही यात्रा के मार्ग में स्वास्थ्य अथवा दूसरे आपातकाल की कोई व्यवस्था नही है और ना ही यात्रियों के बैठने की कोई बेंच, कुर्सी अथवा दूसरी सुविधा भी नहीं है। जबकि हेलीपैड में भी यात्रियों के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। पत्र में कहा गया है कि मार्ग में सामान्य भोजन की व्यवस्था भी नहीं है। वहीं कई स्थानों में दुकानें इतनी नजदीक-नजदीक बनी हैं कि वहां आग लगने अथवा भगदड़ मचने पर काफी जानमाल का नुकसान हो सकता है। लिहाजा मुख्य न्यायाधीश को संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही मुख्य न्यायाधीश के नाम भेजे पत्र में महाराष्ट्र के न्यायाधीश ने कहा था कि यात्रा के दौरान काफी अनियमितताएं भी हैं।


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