एक्सक्लूसिव! पुलिस में पदोन्नतियोें के लिए नया खेल!

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देहरादून: उत्तराखंड की पुलिस में एक बार फिर पदोन्नतियों का मामला सुर्खियों में आ गया है। अभी कुछ दिन पहले ही ग्रेड पे को लेकर सरकार बैकफुट पर आई थी। अब एक बार फिर से प्रमोशन में पुलिस की भर्ती नियमावली में बनाए नियमों के विपरीत पदोन्नति करने की बातें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार विभाग में कुछ अधिकारियों की ओर से चहेतों को आगे बढ़ाने के लिए नियमों को तोड़ मरोड़कर व्याख्या की जा रही है। नियमावली में साफ तौर पर लिखा है कि शत प्रतिशत पदोन्नति ज्येष्ठता के आधार पर होगी, हालांकि वर्तमान में ऐसा नहीं किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नियमों को ताक पर रखकर अब पदोन्नति के लिए कुछ अधिकारियों ने अपने हिसाब से नियमों में बदलाव किया है। बताया जा रहा है कि अब पदोन्नति के लिए लिखित परीक्षाओं के साथ ही साथ पचास फीसद ड्रिल व पीटीसी के प्रशिक्षण के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। विभाग के इस फैसले से कई कार्मिकों में अंदर खाने रोष दिखाई दे रहा है। इन लोगों का नाम न छापने की शर्त पर कह रहे हैं कि इससे उन कार्मिकों को ही फायदा मिलेगा जिनके अफसरों के साथ ठीकठाक संबंध हैं। ऐसे में जाहिर है कि पीटीसी ट्रेनिंग के आधार पर मेरिट बनेगी तो वहां पर नंबर देना आसान होगा। लिखित परीक्षाओं के नंबर में हेराफेरी की संभावनाएं कम रहती हैं, लेकिन जिस प्रकार से पीटीसी ट्रेनिंग के आधार पर मेरिट बनाने की बात कही जा रही है इसमें काफी संभावनाएं ऐसी बन सकती हैं कि चहेतों का लाभ दिलाया जा सके। दरअसल इस बार नियमावली के नियमों में बदलाव कर अधिकारियों ने कहा है कि 50 फीसद पदों पर 45 साल की उम्र पूरा करने वाले सिपाहियों को वरिष्ठता और 50 फीसद पर पांच साल की सर्विस पूरी कर चुके सिपाहियों को लिखित परीक्षा पास करने के बाद प्रमोशन का फायदा मिलेगा। इसके अलावा लिखित परीक्षा में पचास फीसद यानि क्वालीफाई अंक लाने जरूरी होंगे। जबकि शारीरिक परीक्षा में नंबर के आधार पर चयन होगा। इसके बाद सर्विस रिकॉर्ड, ट्रेनिंग, एसीआर और फिजिकल में मिलने वाले नंबरों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। जबकि आर्म्ड और पीएसी के सिपाहियों को हवलदार बनने के लिए ड्रील और पेटी की परीक्षा पास करनी होगी। इसके आधार पर अंतिम चयन सूची जारी होगी। इस सबके बाद कहा जा सकता है कि जब कर्मचारियों की पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर नहीं होगी तो जाहिर है कि असंतोष भी तेज होगा।


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