वक़्फ़ बोर्ड ने इस मुस्लिम कॉलोनी को भेजे नोटिस, किराएदारी साबित नहीं होने पर खाली करने होंगे मकान और प्रतिष्ठान

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आदिल पाशा लोकजन टुडे देहरादून। देहरादून में पिछले काफी समय से अतिक्रमण पर सरकार का डंडा लगातार चल रहा है और इसी बीच अब देहरादून के चूना भट्ठा क्रॉसिंग पर मौजूद आज़ाद नगर कॉलोनी पर वक्फ की जमीन को कब्जा करने का आरोप लगाते हुए वक्फ बोर्ड ने प्रथम चरण में 80 लोगो को नोटिस भेजे है जबकि वहां पर वक़्फ़ बोर्ड द्वारा 250 लोगो को नोटिस भेजे जाना है आपको बता दे कि राजधानी देहरादून में इन दिनों एक तरफ रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर बना रहे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट की जद में आने वाले मोहल्लों में अफरा तफरी का माहौल है. वहीं अब उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने देहरादून के चूना-भट्ठा क्रॉसिंग पर मौजूद मुस्लिम कब्रिस्तान के आसपास तकरीबन 100 बीघा भूमि को वक्फ भूमि करार देते हुए पहले चरण में=80 नोटिस भेजे हैं. इन लोगों पर वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप है. नोटिस आने के बाद मोहल्ले के लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है आपको बता दे कि चुना भट्टा क्रॉसिंग पर वक़्फ़ की संपति पर लोगो के द्वारा मकान और प्रतिष्ठान बना लिए गए है नोटिस मिलने के बाद लोगो में हड़कम मचा हुआ है और लोग किराएदारी साबित करने के लिए इधर उधर दौड़ रहे है।

लोगो ने कहा 1947 से रह है तो अब नोटिस क्यों ?

मोहल्ले में बोर्ड द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद गुस्साए लोगो का कहना है कि 1947 से उनके पूर्वज यहां रह थे और उस वक्त किराया भी दिया जाता रहा है बीच में वक़्फ़ के द्वारा यहां पर किराया ही नहीं लिया गया अब इस तरह के नोटिस भेजकर वक़्फ़ कार्यवाही की बात कर रहा है। लोगो का ये भी कहना है कि सरकार ने ही इस बस्ती में बिजली पानी लगवाए है फिर बस्ती को अवैध क्यों बताया जा रहा है।

कुछ ही लोगो के पास है वक़्फ़ की किराएदारी

लोगो से जब किराएदारी के कागज़ों के बारे में पूछा गया तो कुछ ही लोगो के पास वक्फ की किराएदारी है बाकी सभी लोग बिना किराया दिए ही वक़्फ़ की संपत्तियों को इस्तमाल कर रहे है विश्वस्नीय सूत्रों के अनुसार बताया गया कि पूरे चुना भट्टा क्रॉसिंग पर आठ से दस लोगो के पास ही वक़्फ़ की किराएदारी के कागज है बाकी किसी के पास भी जो वक़्फ़ की संपत्तियों पर रह रहे है ऐसा कोई कागज़ नहीं है ऐसे में लाज़मी ही उन लोगो की मुश्किल ज़रूर बढ़ सकती है क्योंकि वक़्फ़ बोर्ड इस बार कोई नर्मी दिखाने के मूड में नज़र नहीं आ रहा है।

कोर्ट की अवमानना कर रहा है वक़्फ़ बोर्ड

चुना भट्टा क्रॉसिंग के लोगो ने ये भी आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड संशोधन को लेकर मामला अभी कोर्ट में चल रहा है. उससे पहले ही इस तरह की कार्रवाई करना कहीं ना कहीं वक़्फ़ बोर्ड द्वारा कोर्ट की अवमानना का विषय भी बनता है उन्होंने कहा कि उन्हें जो नोटिस आए हैं उस सभी नोटिस के वक्फ बोर्ड को जवाब दिए जा रहे है।

विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है

मोहल्ले के लोगो का कहना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लबे समय से विशेष समुदाय के लोगो के खिलाफ एजेंडा चलाया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस मोहल्ले में लोग लंबे समय से रह रहे हैं. आज जो भी काम हो रहे है वो एक राजनीतिक एजेंडा के तहत हो रहे है जो बिल्कुल भी सही नहीं है मुस्लिम भी इसी प्रदेश और देश के नागरिक है फिर उनके साथ क्यों भेदभाव किया जा रहा है इसको लेकर सभी लोग एक साथ बैठकर बात करेंगे और जो भी रणनीति बनेगी उसपर काम करेंगे।

क्या कहते है उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ?

उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि वक्फ संख्या- 8 (चूना-भट्टा, क्रॉसिंग) पर लंबे समय से अवैध कब्जे है जिनको लेकर वहां के लोगो से पूछा गया कि वो किस हैसियत से वहां रह रहे है जिनके पास वहां रहने की वक़्फ़ की किराएदारी है वो नोटिस के जवाब में बताए और जिनके पास कोई कागज़ नहीं है उनको वक़्फ़ की ऐसी सभी संपति खाली करनी होगी।साथ ही उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड अपने कर्मचारियों और मुतवल्लियों को लगातार कार्यशैली में सुधार करने पर जोर दे रहा है. उनकी जवाबदेही तय की जा रही. इसी कड़ी में देहरादून में चूना भट्ठा क्रॉसिंग पर मौजूद मुस्लिम कब्रिस्तान के साथ लगी जमीन जो कि वक्फ संख्या- 8 हैं वहां पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ तकरीबन 80 नोटिस पहले चरण में भेजे गए हैं. अवैध कब्जे वालों को हटाया जाएगा और जो गरीब पसमांदा मुसलमान हैं, उन्हें आवास दिए जाएंगे साथ ही भविष्य में ऐसी भूमियों पर सरकार के साथ मिलकर कुछ प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे जिससे गरीब मुसलमानों को इसका फायदा मिलेगा।

क्या कहना है वक़्फ़ संख्या 8 के मुतावल्ली का

वक़्फ़ संख्या 8 (चुना भट्टा क्रॉसिंग) के वक़्फ़ बोर्ड के मुतावल्ली शेख गुलफाम ने बताया कि वक्फ बोर्ड अपने दस्तावेजों को खंगालते हुए यह चेक कर रहा है कि 100 बीघा की जमीन पर कैसे समय के साथ-साथ कब्जे हो गये. कैसे पूरा मोहल्ला यहां पर स्थापित हो गया. यह कार्रवाई का पहला चरण है, जिसमें कब्जाधारियों को शो कॉज नोटिस यानी कारण बताओ नोटिस भेजे गए है इसमें पूछा गया है कि कब्जा करने वाला व्यक्ति किस हैसियत से या फिर किस अधिकार से वहां पर बैठा है. यदि वो बताने में असमर्थ रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी उसे वहां से हटाया जाएगा।


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