आखिर क्यों हो रहा नव नियुक्त शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध कारण सुन लीजिए….

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हरिद्वार:  

ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के बाद ज्योतिष पीठ के नवनियुक्त शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध में सन्यासी अखाड़े आ गए हैं, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के श्री महंत और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने आज प्रेस वार्ता कर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध करने की बात कही है, उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी के ब्रह्मलीन होने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद का शंकराचार्य पद पर अभिषेक किया गया है जिसमें सभी संन्यासी अखाड़ों की उपेक्षा की गई है किसी को भी कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था, यह बहुत दुखद है जिसके बाद सभी संन्यासी अखाड़ों ने रायशुमारी करके उनका विरोध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शंकराचार्य की ज्योतिष पीठ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विवाद चल रहा है ऐसे में आनन-फानन में उनकी घोषणा करना उचित नहीं था। सभी सन्यासी अखाड़े उनका विरोध करते हैं, उन्हें शंकराचार्य ना तो मानते हैं और ना मानेंगे, हालांकि द्वारिका एवं शारदा पीठ पर बनाए गए दूसरे शंकराचार्य स्वामी सदानंद का उन्होंने विरोध नहीं किया है, ज्योतिष पीठ को लेकर उन्होंने कहा है कि अखाड़े शंकराचार्य कि सेना होते हैं और उनके द्वारा अखाड़ा की उपेक्षा की गई है, उन्होंने यह भी कहा कि 2 दिन पहले कुछ साधु संत उनके पास आए थे उन्होंने बताया कि ज्योतिष पीठ गिरी नामा पीठ है वहां पर शंकराचार्य गिरी ही होना चाहिए, जिसको लेकर वह जल्द ही संन्यासी अखाड़ों के साथ बैठक करके फैसला करेंगे,

स्वामी रविंद्र पुरी महाराज, श्रीमहंत, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार

 


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