छिपे हुए चेहरों की अब खैर नहीं चमोली पुलिस का ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ शुरू, देवभूमि में संदिग्धों के लिए कोई जगह नहीं !

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लोकजन टुडे ब्यूरो

प्रदेश की शांत वादियों में छिपकर रहने वाले संदिग्धों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 15 फरवरी 2026 से एक माह का सघन “Operation Crack Down Verification Drive” राज्य के समस्त जनपदों में शुरू किया गया है। जनपद चमोली में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के आदेश पर आज से जनपद के सभी थाना, सर्किल एवं चौकी स्तर पर अभियान पूर्ण रूप से लागू हो चुका है। हमारा मुख्य लक्ष्य है – जनपद में रहने वाले अज्ञात/अपरिचित/संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन कर आपराधिक गतिविधियों को जड़ से समाप्त करना।

हमारा फोकस उन बाहरी/अपरिचित व्यक्तियों पर है जो आश्रमों, होम स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट, किराए के मकानों, फ्लैटों, फैक्टरियों, कोचिंग सेंटरों, प्राइवेट नौकरियों, श्रमिक कार्यों आदि में रहकर/कार्यरत होकर अपनी पृष्ठभूमि छिपा रहे हैं।

प्रत्येक थाना स्तर पर अलग-अलग फील्ड टीमें गठित की गई हैं, जो क्षेत्र में रह रहे बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों, श्रमिकों, छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न व्यवसायों में संलग्न लोगों का भौतिक सत्यापन कर रही है। साथ ही एक समर्पित डेटा विश्लेषण टीम द्वारा एकत्रित सूचनाओं का तकनीकी परीक्षण कर राष्ट्रीय पोर्टलों से मिलान तथा अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित किया जाएगा व संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

अभियान के दौरान व्यवसाय, नौकरी, श्रम कार्य या अल्पावधि प्रवास हेतु आए व्यक्तियों का पहचान पत्र/आईडी के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है। मकान मालिकों, होटल एवं होम स्टे संचालकों से अपने यहां निवासरत व्यक्तियों का विवरण संबंधित थाना में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की अपील की जा रही है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वाले तत्वों की पहचान करना तथा किसी भी असामाजिक गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि— “जनपद की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ का मुख्य उद्देश्य देवभूमि की मर्यादा को सुरक्षित रखना और उन असामाजिक तत्वों को चिह्नित करना है जो अपनी पहचान छिपाकर यहाँ किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत यह सत्यापन अभियान बेहद निर्णायक साबित होगा। हम तकनीक और सर्विलांस का पूरा उपयोग कर रहे हैं ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की नजरों से बच न सके।”

“सभी मकान मालिकों, होटल व्यवसायियों और संस्थान संचालकों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे अपने यहाँ रह रहे बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। यदि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना में बिना सत्यापन के रह रहे व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित मकान मालिक या संस्थान संचालक के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।”


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