उत्तराखंड के संवेदनशील हत्याकांड में फंसाने की धमकी देने के आरोप में पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार, भेजे गए जेल !

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संवाददाता: करन सहगल

उत्तराखण्ड के एक बेहद चर्चित और संवेदनशील अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड के मामले में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखण्ड प्रदेश प्रभारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने, ब्लैकमेल करने और राजनीतिक छवि धूमिल करने के आरोप में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में संलिप्त ज्वालापुर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया है।

बाईट: एसएसपी देहरादून

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला इसी साल की शुरुआत में तब सामने आया जब दिनांक 5 जनवरी 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम ने कोतवाली डालनवाला पुलिस को एक लिखित तहरीर के माध्यम से अवगत कराया कि ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने एक्ट्रेस उर्मिला सनावर और कुछ अन्य राजनैतिक पार्टियों के साथ मिलीभगत की। एक सुनियोजित आपराधिक षडयंत्र के तहत उनकी, उनकी पार्टी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि को जनता के बीच खराब करने के उद्देश्य से झूठी व मनगढ़ंत ऑडियो और वीडियो तैयार की गई।

इतना ही नहीं, इस झूठी ऑडियो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर राज्य की कानून-शांति व्यवस्था को भंग करने, उपद्रव मचाने और दंगे फैलाने की भी साज़िश रची गई थी। इस शिकायत के आधार पर 5 जनवरी 2026 को ही कोतवाली डालनवाला में तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

मामले की संवेदनशीलता और राजनैतिक गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने इस प्रकरण की गहराई से विवेचना करने के कड़े निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा की गई गहन जांच, गवाहों के बयानात, साक्ष्यों और डिजिटल तथ्यों के आधार पर विवेचक ने पाया कि अभियुक्त सुरेश राठौर के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का भी अपराध बनता है जिसके बाद इसके बाद मुकदमे में बीएनएस की (Extortion से संबंधित) धारा की वृद्धि की गई।

डालनवाला पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। दिनांक 14 जून 2026 को पुलिस टीम को मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त सुरेश राठौर को बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तारी के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया।


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