उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार शिक्षा मंत्री ने लिया यह बड़ा निर्णय ! पढ़िए पूरी खबर

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कुलदीप रावत


देहरादून

 

उत्तराखंड में एक समय था जब सहकारिता विभाग को शायद कोई जानता भी नहीं था मंत्री इस विभाग को लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते थे सच कहें तो उत्तराखंड में सहकारिता विभाग नए नवेले सीधे-साधे मंत्रियों को दे दिया जाता था और वो लोग भी अपने 5 साल चुपचाप काट दिया करते थे विभाग के बारे में और योजनाओं के बारे में आम जनता अनजान और जानकारी से कोसों दूर थी वर्ष 2012 में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने जब सहकारिता विभाग का जिम्मा संभाला तो उनके एक के बाद एक ऐतिहासिक निर्णय से घाटे में चल रहा सहकारिता बैंक और सहकारिता समितियां मुनाफे में आ गई कई वर्षों से जो ऋण वसूल नहीं किया जा रहा था उसकी भी वसूली होने लगी स्वयं केंद्रीय वित्त मंत्री ने उनकी ऋण वसूली रणनीति की खुलेआम तारीफ भी की जिसके फलस्वरूप घाटे में चल रहे बैंक तब से लगातार आज मुनाफे में है उत्तराखंड की सहकारी समितियों द्वारा 32000 किसानों के द्वारा जो ऋण लिया गया था उसे माफ कर डॉक्टर धन सिंह रावत ने उत्तराखंड के इतिहास में यह एक बड़ा कार्य किया है आज तमाम मृतक किसानों के आश्रित ऋण माफी पर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं।

 

त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद जब तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बने तो एक बार फिर से शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात सभी मंत्रियों ने सहकारिता विभाग लेने की इच्छा जताई विभाग के अंदर डॉक्टर धन सिंह रावत ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए जिसके फल स्वरुप आज कई जन योजनाएं उत्तराखंड में सहकारिता विभाग के द्वारा संचालित की जा रही है स्वयं केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह खुले मंच से उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत की पीठ ठोक चुके हैं

2022 के चुनाव के पश्चात एक बार फिर कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी के पश्चात इस बार डॉक्टर धन सिंह रावत की परफॉर्मेंस देखने के पश्चात उन्हें स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई उसके साथ साथ सहकारिता विभाग भी उन्हें फिर से दिया गया आज मात्र सरकार के 1 साल के कार्यकाल में ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉक्टर धन सिंह रावत ने इतने बड़े-बड़े काम कर दिए हैं कि उन्होंने अपने विरोधियों के मुंह बंद कर दिए हैं खुली सभा में उनके विरोधी उनकी लाख बुराइयां कर ले लेकिन दबी जबान वह भी उनकी तारीफ करते नहीं थकते

एक बार फिर से उत्तराखंड के इतिहास में परीक्षा फल सुधार परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है

 

प्रदेशभर के 96 केन्द्रों पर 7 से 12 अगस्त तक होगी परीक्षा

हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 23706 छात्र-छात्राएं होंगे शामिल

 

 


राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तीर्ण होने का एक मौका दिया है। यह योजना प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है, जिसमें वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राएं अपने परीक्षाफल को सुधार सकेंगे। परीक्षा का आयोजन प्रदेश के सभी विकासखंडों के 96 परीक्षा केन्द्रों पर किया जा रहा है, जिसमें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 23706 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में परीक्षाफल सुधार के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है।

जिसके तहत 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण होने का एक मौका दिया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे परीक्षार्थी जो किसी विषय में कम अंक लाये हों वह भी परीक्षा में शामिल होकर लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर कई छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा स्कोर तो कर देते थे लेकिन किसी एक या दो विषय में फेल हो जाते थे, जिससे उनका साल बर्बाद हो जाता था। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुये परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी हाईस्कूल में अधिकतम दो विषयों तथा इंटरमीडिएट में एक विषय में परीक्षा दे सकता है। परीक्षा के आयोजन के लिये प्रदेशभर के सभी विकासखंडों में एक-एक परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं जबकि जनपद ऊधमसिंह नगर के रूद्रपुर विकासखंड में अधिक परीक्षार्थी होने के कारण दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। परीक्षा का आयोजन 7 अगस्त से 12 अगस्त 2023 तक किया जायेगा। सभी परीक्षाएं एकल पाली में प्रातः 10 से दोपहर 1 बजे तक संपादित की जायेंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिये प्रत्येक जनपद में एक-एक संकलन केन्द्र बनाया गया है। जबकि उत्तर पुस्तिकाओं के मुल्यांकन हेतु मंडल स्तर पर एक-एक मुल्यांकन केन्द्र बनाये गये हैं। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में इस बार हाईस्कूल के 13587 छात्र-छात्राओं ने 8 अगल-अलग विषयों तथा इंटरमीडिएट के 10119 छात्र-छात्राओं ने 28 अलग-अलग विषयों में आवेदन किया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. रावत ने सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल सुधार परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिये अग्रिम शुभकामनाएं दी।

 


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