चंपावत की महिला तुलसी बिष्ट ने इस मामले को लेकर धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम को भेजा अपने वकील के माध्यम से नोटिस

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देहरादून

 

 

बिना सिंदूर और बिना मंगलसूत्र वाली महिला खाली प्लॉट

 

जैसा विवादित बयान देकर महिलाओं को अपमानित करने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चंपावत जिले की निवासी  तुलसी बिष्ट ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक नोटिस भेजा गया है। श्रीमती तुलसी बिष्ट आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष  राजेश बिष्ट की धर्मपत्नी एवं आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं।

तुलसी बिष्ट की तरफ से यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट के  अधिवक्ता   के शर्मा के द्वारा तैयार किया गया है। इस नोटिस के माध्यम से उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लिखा गया है कि 10 जुलाई 2023 से 16 जुलाई 2023 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक भागवत कथा में  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि *जो महिलाएं मांग में सिंदूर लगाती हैं तथा मंगलसूत्र पहनती हैं वह रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी है, लेकिन जो महिलाएं मांग में सिंदूर नहीं लगाती और मंगलसूत्र नहीं पहनती हैं वह खाली प्लॉट है।

महिलाओं की प्रति धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान अत्यंत निंदनीय और अपमानजनक है। हिंदू धर्म में और हमारे पुराणों में महिलाओं को देवी के रूप में और माता के रूप में पूजनीय माना गया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से व्यास पीठ से देव तुल्य महिलाओं के प्रति इस तरह की गैर मर्यादित टिप्पणी करके हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया है।
श्रीमती तुलसी बिष्ट ने अपने इस नोटिस के माध्यम से साफ तौर पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चेतावनी देते हुए कहा है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी इस गलत बयानी के लिए तथा महिलाओं के अपमान करने वाले बयान के लिए सार्वजनिक रूप से 15 दिन के अंदर माफी मांगे, नहीं तो उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं के अपमान करने वाले ऐसे लोगों को न्यायालय से दंड दिलाने के लिए हम सबको एकजुट होना चाहिए।


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