पंचेश्वर क्षेत्र की समस्याओं और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर चम्पावत DM मनीष कुमार ने विभागों को दिए निर्देश !

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लोकजन टुडे ब्यूरो

एंगलिंग से पंचेश्वर में रोजगार और पर्यटन को रफ्तार की तैयारी: एंगलिंग के जरिए जिलाधिकारी ने समझी जमीनी स्थिति

पंचेश्वर क्षेत्र की समस्याओं पर जिलाधिकारी ने विभागों को दिए निर्देश

जनपद चम्पावत में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को बढ़ावा देने हेतु जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पंचेश्वर स्थित एंगलिंग बीट का स्थलीय निरीक्षण कर एंगलिंग गतिविधियों एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग, चम्पावत द्वारा आवंटित एंगलिंग बीट का संचालन कर रही महासीर मत्स्य संरक्षण समिति द्वारा पंचेश्वर में एंगलिंग, महासीर के संरक्षण, प्रजनन और सतत मत्स्य प्रबंधन से जुड़ी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई।

जिलाधिकारी ने पंचेश्वर एंगलिंग साइट को राष्ट्रीय स्तर के एंगलिंग गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित रूप से एंगलिंग मीट एवं स्पोर्ट फिशिंग इवेंट्स आयोजित किए जाएं, जिससे देश-विदेश के एंगलर्स को आकर्षित किया जा सके और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों।

उन्होंने कहा कि एंगलिंग पर्यटन से होमस्टे, गाइड सेवा, स्थानीय उत्पादों एवं परिवहन सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

जिलाधिकारी ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महासीर जैसी दुर्लभ प्रजाति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय संतुलन ही नहीं बल्कि इको-टूरिज्म की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

“इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं एंगलिंग कर स्थल की व्यावहारिक परिस्थितियों का अनुभव लिया। एंगलिंग के दौरान उन्होंने महासीर मछली पकड़कर स्पोर्ट फिशिंग गतिविधि की प्रक्रिया को समझा तथा संरक्षण आधारित एंगलिंग की महत्ता पर भी बल दिया।”

इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों, जिनमें श्री गणेश दत्त पंत सहित अन्य उपस्थित थे, ने बस संचालन, सड़कों के ब्लैक टॉप, खेत-गांव संपर्क मार्ग, घाट से पंचेश्वर सड़क पर पुल निर्माण सहित अन्य सुविधाओं की मांग रखी।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग लोहाघाट को पंचेश्वर सड़क के डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय आवश्यकता के अनुसार छोटी बस अथवा टैक्सी सेवा संचालित करने की संभावनाओं पर भी कार्यवाही की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।

उन्होंने कहा कि पंचेश्वर क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, नदी तंत्र और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसे एंगलिंग आधारित इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय, स्थानीय सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर कार्य करना आवश्यक है।

इस दौरान एंगलिंग समिति के अध्यक्ष, सदस्यगण, मत्स्य विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


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