केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद पैक्स समितियों को कंप्यूटरीकरण करने को लेकर मशक्कत तेज

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देहरादून

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 63,000 पैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए 2,516 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में इसे कल मंजूरी दी गई।

इस समय ज्यादातर पैक्स कंप्यूटरीकृत नहीं हैं। इससे इन समितियों की दक्षता प्रभावित होती है और इनको लेकर भरोसा कम होता है। एम पैक्स कंप्यूटरीकृत करने को लेकर सभी राज्यों के सहकारिता सचिवों के साथ आज सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा आज सभी मिनिस्ट्री ऑफ कोऑपरेटिव के सचिव श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा वर्चुअल समीक्षा बैठक ली गई।
बैठक में सभी राज्यों के सचिवों से सहकारी क्षेत्र के लिए नए राष्ट्रीय योजनाओं से संबंधित एजेंडे समेत 5 अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।

वर्चुअल माध्यम से उत्तराखंड से सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने
देहरादून स्थिति राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के कार्यालय से आज गुरुवार को बैठक में प्रतिभाग किया। सचिव सहकारिता डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि, उत्तराखंड सरकार के 100 दिन पूरे होने पर 100 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियां MPAX
ऑनलाइन हो गई हैं। शेष समितियों में बहुत तेजी से कंप्यूटराइजेशन का कार्य चल रहा है गौरतलब है कि उत्तराखंड में 758 एमपैक्स कार्य कर रही है। सभी समितियां अगले कुछ माह में कंप्यूटराइजेशन हो कर आन लाइन हो जायेंगी।

सचिव सहकारिता डॉ पुरुषोत्तम ने बताया कि, नेशनल कोऑपरेटिव पॉलिसी का डाटा 15 दिनों में केंद्र को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
वर्चुअल माध्यम से महाराष्ट्र , उड़ीसा, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम, समेत कई राज्यों के सहकारिता सचिवों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 


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