एसएसपी दून के निर्देशन में कोतवाली विकासनगर पुलिस ने 2 साल से फरार चल रहे अभियुक्त को किया गिरफ्तार !

Share your love

संवाददाता: करन सहगल

एसएसपी देहरादून के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में दून पुलिस ने भू-माफियाओं और जालसाजों के खिलाफ अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी रखी है।

एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के तहत जनपद में अपराधियों और फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासनगर पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक ‘नेट ग्रिड’ पोर्टल का सटीक उपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की जमीन हड़पने वाले आरोपी को सहारनपुर से धर दबोचा।

बताते चलें कि कोतवाली विकासनगर पुलिस टीम ने तकनीकी विशेषज्ञता और सूझबूझ का परिचय देते हुए 2 साल से लगातार फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है

क्या था पूरा मामला?

मामला 28 जून 2024 का है, जब फरीदाबाद निवासी अरुण कुमार ने कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी गुरुबचन, मनुष, कमल सिंह, चमन कुमार और पूरण सिंह ने मिलकर वादी का फर्जी आधार कार्ड बनाया और किसी अन्य व्यक्ति को असली मालिक बनाकर खड़ा कर दिया। जालसाजों ने जमीन का कूटरचित (फर्जी) मुख्तारनामा तैयार करवाकर उसे अन्य व्यक्ति को बेच दिया था।

​प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लेते हुए विकासनगर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के बाद 26 फरवरी 2026 को नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

नेट ग्रिड तकनीक और दून पुलिस की सूझबूझ से पकड़ा गया आरोपी​

फर्जी मुख्तारनामे में असली मालिक अरुण कुमार बनकर खड़ा होने वाला अभियुक्त मामला दर्ज होने के बाद से लगातार फरार चल रहा था। ​एसएसपी देहरादून के दिशा-निर्देशन में विकासनगर पुलिस ने हार नहीं मानी और फर्जी आधार कार्ड में लगी आरोपी की फोटो को ‘नेट ग्रिड’ पोर्टल पर अपलोड किया। नेट ग्रिड से मिले डाटा का बारीकी से मिलान और तस्दीक करने के बाद पुलिस अभियुक्त तक पहुंच गई।

आरोपी की पहचान उदित कुमार वर्मा, निवासी धोबी घाट, सिवेन्द्र विहार कॉलोनी, थाना मंडी, जनपद सहारनपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई।​ सटीक लोकेशन मिलते ही विकासनगर पुलिस की टीम तुरंत सहारनपुर रवाना हुई और 13 अक्टूबर 2026 को आरोपी उदित कुमार को मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी उदित कुमार ने स्वीकार किया कि वह पहले सर्राफा (सुनार) का काम करता था और चांदी बेचने विकासनगर, सहसपुर व सेलाकुई आता-जाता था। इसी दौरान उसकी पहचान गुरुबचन सिंह उर्फ बब्बू सरदार से हुई। गुरुबचन ने उसे हरबर्टपुर स्थित हरियाणा निवासी व्यक्ति की जमीन का फर्जी मालिक बनने के एवज में मोटी रकम देने का लालच दिया।

​आरोपियों ने 2022 में असली मालिक अरुण कुमार के नाम पर उदित की फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड बनाया और फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) तैयार कर ली। इसी आधार पर 18 जुलाई 2022 को जमीन की रजिस्ट्री गुरुबचन के नाम करवा ली गई और दाखिल-खारिज भी करा लिया गया। लेकिन जब उन्होंने जमीन पर कब्जे का प्रयास किया, तब असली मालिक को जानकारी हुई और पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक कोतवाली विकासनगर शिशुपाल सिंह राणा एवं हेड कांस्टेबल सतीश कुमार शामिल थे।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.