स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र पाबौ अस्पताल में महिला के हाथ पर गत्ता बांधने पर स्वास्थ्य मंत्री सख्त दिए जांच के आदेश

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पौड़ी /पाबौ:

सोशल मीडिया पर जनपद पौड़ी गढ़वाल के पाबौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा हाथ टूटने पर कागज का गत्ता बांधने की तस्वीर वायरल हो रही थी।

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के ही कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर ट्रोल की जा रही थी जिसको लेकर अब स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं

 

खबर विस्तार से

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाबौ में महिला के हाथ पर प्लास्टर की जगह गत्ता बांधने संबंधी मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पौड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मामले की जांच करेंगे। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि दूसरे अस्पताल में जाने के लिए चोटिल हाथ को सहारे के लिए गत्ता लगाया गया था।

विकास खंड पाबौ के सैंजी गांव निवासी विमला देवी 11 दिसंबर की शाम पैर फिसलने से घायल हो गई थी। सीएचसी पाबौ में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से महिला के हाथ में गत्ता बांधकर रेफर कर दिया गया। श्रीकोट में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया में बेवजह यह मामला उछाला गया है। सीएचसी पाबौ पीपीपी मोड में संचालित हो रहा है। अभी तक यहां 25 हजार से ऊपर मरीजों का उपचार हो चुका है। सोशल मीडिया में वायरल फोटो के संबंध में उन्होंने जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक्सरे मशीन दी गई है लेकिन मरीज ने दूसरे अस्पताल में जाने की इच्छा जताई। चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि हड्डी मेें फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए एक्सरे जरूरी होता है। इसलिए डॉक्टरों ने चोटिल हाथ में गत्ता बांधकर रेफर कर दिया। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की जा रही है। जल्दी जांच कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी

शाम छह बजे बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय

सोशल मीडिया पर अस्पताल की अव्यवस्था उजागर होने से स्वास्थ्य मंत्री खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि आजकल लोग शाम छह बजे बाद सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देते हैं। कुछ माह पूर्व भी रिखणीखाल अस्पताल में एक छात्रा के हाथ पर गत्ता लगाने का मामला वायरल हुआ था। जांच कराई तो सामने आया कि डॉक्टरों ने अच्छा काम किया था। हाथ में सूजन होने पर फ्रैक्चर की आशंका जताई गई थी। इसलिए एक्सरे कराने के लिए छात्रा को रेफर करने से पूर्व हाथ को सहारा देने के लिए गत्ता बांधा गया था।

 


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