सुपर एक्सक्लूसिव : छात्रवृति घोटाले में चल रहा है खेल, बड़ों पर रहम, छोटों कों जेल!

Share your love

देहरादूनः हरिद्वार और देहरादून के कॉलेजों में हुए करोड़ों  के छात्रवृति घोटाले को लेकर बड़ा खेल रहा है। हालात यह हैं कि इसमें छोटे छोटे अफसरों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अभी तक बड़ी मछलियों पर जाल नहीं फेंका गया हैं। अब तक की एसआईटी जांच में यह भी नहीं बताया गया है कि बड़े अधिकारी, नेता और कॉलेजों के नाम क्या क्या हैं। इसमें चंद कॉलेजों व छुटभैये नेताओं को छोड़ दें तो बड़ों का नाम न आने के पीछे बड़े खेल का अंदेशा जताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसके लिए बड़े स्तर पर खेल खेला जा रहा है। इससे एसआईटी की जांच पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। इसकी गंभीरता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंद्र जुगरान भी कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।

अनुराग शंखधर एक और मामले में फंसे
देहरादूनः छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में जेल गए उप निदेशक अनुराग शंखधर चमोली में जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए निर्माण कार्य में गड़बड़ी में फंस गए हैं। चमोली के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर जनजाति निदेशालय ने उनके खिलाफ शासन को विभागीय जांच की संस्तुति कर दी है। उन पर वन भूमि और निजी भूमि पर विभागीय भवन निर्माण कर लाखों रुपये ठिकाने लगाने के आरोप हैं।

जनजाति निदेशालय के उप निदेशक अनुराग शंखधर देहरादून, हरिद्वार के अलावा 2008 से पहले चमोली में भी जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात रहा। इस दौरान पगरासू में महिला कार्यशाला भवन स्वीकृत किया गया। यहां जिस भूमि पर भवन बनाया गया, उसकी रजिस्ट्री विभाग के नाम नहीं कराई गई। भवन बना तो इस पर कब्जा भी दानकर्ता गौर सिंह का है।

इससे भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसी तरह जोशीमठ के रविग्राम में भी जनजाति के लिए रैन बसेरा बनाया गया। लाखों रुपये खर्च कर भवन वन भूमि पर बनाया गया। वन भूमि ट्रांसफर न होने से विवाद चल रहा है। दोनों भवन समाज कल्याण के कब्जे में न आने पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इस मामले में चमोली के जिलाधिकारी ने भवन निर्माण के औचित्य पर सवाल खड़े करते हुए तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी और सहायक समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजी। इसी रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जनजाति निदेशालय ने उक्त मामले में तत्कालीन समाज कल्याण रहे अनुराग शंखधर और सहायक समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।

बीआर टम्टा (निदेशक, जनजाति निदेशालय) का कहना है कि चमोली में जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए शंखधर और एक अन्य अधिकारी द्वारा अनियमितता की बात सामने आई है। डीएम चमोली की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच की संस्तुति कर दी है। अब शासन ही इस मामले में निर्णय लेगा।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *