सुपर एक्सक्लूसिव! एक दिन ठंड से दो यात्रियों की मौत, सरकार की तैयारियों पर उठे सवाल

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अभिषेक सिन्हा, देहरादूनः उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले इस बार दावा किया था कि ठंड से बचाने के लिए इस बार केदारनाथ में रूम हीटर समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। हार्टअटैक से मरने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भी कई व्यवस्थाएं करने की बात कही गई थी। यहां तक कि पिछले दिनों जिला प्रशासन का भी दावा था कि कमीज या टीशर्ट में आने वाले यात्रियों को स्वेटर व नंगे पैर पहुंचने वालों को जूते दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक चारोंधाम में करीब बीस से अधिक यात्रियों की जान जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक केदारनाथ में ही मरने वाले हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि शुक्रवार की रात को यमुनोत्री यात्रा पर आए एक यात्री की ठंड अधिक लगने से मौत हो गई। खरसाली के पास शुक्रवार की शाम को एक यात्री की तबीयत खराब हुई। जब तक परिजन चिकित्सकों को लेने के लिए स्वास्थ्य कैंप में पहुँचे तब तक यात्री ने जानकी चट्टी पुल के पास दम तोड़ा। चिकित्सक डॉ वीएस चौहान ने बताया कि कैलाश तपाडिया (40) पुत्र हनुमन्तदासा निवासी नोखामंडी बीकानेर राजस्थान यमुनोत्री यात्रा पर आया था। शुक्रवार की देर शाम को जानकीचट्टी पुल के कैलाश की तबीयत खराब हुई। लेकिन जब तक वे यात्री की स्वास्थ्य की जांच के लिए पहुंचे तो तब तक यात्री ने दम तोड़ दिया था। मौत का कारण ठंड लगना भी हो सकता है। क्योंकि यात्री ने बारिश के मौसम में एक टीशर्ट पहनी हुई थी। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ यात्रा पर आई एक महिला की ठंड लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गत रात्रि लगभग 10 बजे एक 76 वर्षीय महिला सुमन बाई पत्नी सदाशिव गलांगा, निवासी काला हनुमान नगर बड़वानी वीर महाराष्ट्र की 6 बजे सायं भीमबली के आसपास वापस आते समय अधिक ठण्ड लगने के कारण अचानक स्वास्थ्य ख़राब होने लगा। इन्हे एसडीआरएफ व पुलिस टीम द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भीमबली लाया गया, जहां डॉक्टर्स द्वारा मृत्य घोषित किया गया। इसके बाद इन्हे एसडीआरएफ द्वारा राजकीय एलोपेथिक चिकित्सालय गौरीकुंड में लाया गया जहां इनका शव पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है! इन दोनों घटनाओं से प्रदेश सरकार की तैयारियों पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर पीएम खुद यात्रा पर आते हैं और देश विदेश के लोगों से केदारनाथ यात्रा पर आने की अपील करते हैं। दूसरी ओर इस प्रकार यात्रियों की जान जाएगी तो फिर इसका संदेश देश विदेश में अच्छा तो नहीं जा सकेगा।


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