बार्डर के जिले में चल रहा सट्टा और जुए का बड़ा कारोबार….

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भारत-नेपाल के रुपईडीहा सीमावर्ती इलाको में सट्टा और जुआ खेलने और खिलाने का धंधा भी बेमिसाल है। सीमावर्ती गांवों और कस्बों में चल रहा धुंआधार जुआ और सट्टा का कारोबार नौजवानों की जिंदगी तबाह कर रहा है। लाखों की बाजी हारने के बाद जुआरी और दाव पर दांव लगवाने वाले सटोरियों के साथ सट्टा कारोबारी बॉर्डर से जुड़े इलाक़े के नौजवानों को जमकर लूट रहे है। यही नही हार का गम भुलाने के लिए जहा जुआड़ी नशे के दलदल में फंसकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं तो कभी जीत के जश्न में भी सब कुछ लुटा रहे है। सब कुछ जानने के बाद भी इलाक़े की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के जिम्मेदार इस प्रकार के अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगा पा रहे है। सब कुछ बॉर्डर के इलाक़े में खुली किताब की तरह धड़ल्ले से हो रहा है बावजूद जुआ और सट्टा ज़िले के कई इलाकों में आम है।

“ज़िले के कई इलाकों में जुआ और सट्टा का कलंक ज़ारी…

रुपईडीहा ,नानपारा, दरगाह, रामगांव ,कैसरगंज व खैरीघाट जैसे थाना क्षेत्र के तमाम गांव में जुए के कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ हैं। सुनसान स्थानों पर झुंड के झुंड बैठे जुआरियों को देखकर यह नहीं लगता कि इन्हें पुलिस का जरा सा भी कोई खौफ है। स्थिति यह है कि जुए के लत के शिकार में फंसे युवाओं के कारण तमाम परिवार आर्थिक तंगी की कगार पर पहुंच गये हैं। ज़िले के कई थाना क्षेत्र में धुंआधार जुआ खेला जा रहा है, नानपारा और रुपईडीहा के क्या कस्बे क्या ग्रामीण इलाक़े सभी जगहों से सट्टा और जुआ खेलने खिलाने के झुंड आम है रामगांव थाना इलाक़े के भी कई गांवों के आसपास जुआरियों की हरकतों से ग्रामीण परेशान हैं। सबसे खराब हालत तो दरगाह और शहर के कई मोहल्लों में भी है कोतवाली देहात इलाक़े के शहर से लगे कई गांव में भी धुंआधार जुआ का खेल ज़ारी है। यहां तक ज़िले के कई स्कूल में भी अब सट्टा कारोबार से जुड़े एजेंट छात्रों को निशाना बना रहे है ज़िले में कई जर्जर प्राथमिक विद्यालय के पीछे जुआरियों का जमघट लगा रहता है। कभी-कभी तो पैसे के लेन-देन को लेकर इनमें आपस में मारपीट तक की नौबत आ जाती है।

 

पक्का तालाब की सीढ़ियों के सहारे और वही स्थित स्कूल की बाउंड्री में भी जुआड़ियों की मंडली अक्सर अपने खेल खेलती है जिससे आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है। गांवों के साथ शहर में भी जुआड़ियों का खेल आम है यही नही अब वही जुआड़ी चुनावों के नतीजों पर जीत हार के दाव पर भी सट्टा लगा रहे है ठीक यही हाल है ज़िले के कई इलाकों में है। कुछ स्थानों पर जुआरी खुलेआम अपने जुआ और सट्टा के धंधे को अंजाम दे रहे हैं। ज़िले के तमाम बुद्धजीवियों के साथ महिलाओं सहित अन्य पढ़ने वाले इलाकाई छात्रों का कहना है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार पुलिस कार्रवाई न करके सिर्फ कागजी आंकड़े दुरुस्त करने तक सिमट कर रह गई है।

अब बिगड़ रहे नौजवानों के भविष्य के जीवन से जुड़ा मामला है तो लोग व्यवस्था के जिम्मेदार से कार्यवाही और अवैध धंधेबाजी के गिरोहों पर सख्त कार्यवाही की आस लगा रहे है वही ज़िले के पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को नही चलने दिया जायेगा बावजूद इलाक़े में धुंआधार अवैध काम जारी है


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