“दो बैंक, करोड़ों का घपला: नकली नोट और साइबर ठगी से खतरे में आम आदमी की कमाई”!

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लोकजन टुडे, ब्यूरो

एक महीने में दो बड़े बैंकों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। एक में नकली नोट सीधे बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचे, दूसरे में आरबीआई के सेटलमेंट अकाउंट से डिजिटल तरीके से पैसे निकाल लिए गए।सवाल ये उठ रहा है कि क्या देश में नकली नोटों को बैंकिंग सिस्टम तक पहुंचाने और खपाने का कोई बड़ा खेल चल रहा है? और सबसे बड़ा खतरा ये है कि आम आदमी की खून-पसीने की कमाई कहीं नकली नोटों में न घुल जाए।

सहारनपुर पीएनबी मामला:अगस्त 2026 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ 29 लाख रुपये अंकित मूल्य के नकली नोट बरामद हुए थे।जांच में तीन बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें सस्पेंड किया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केस अपने हाथ में लिया और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें नकली नोटों की छपाई और सप्लाई से जुड़े लोग भी शामिल हैं।सवाल ये है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की तिजोरी तक कैसे पहुंच गए?

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मामला:इसी महीने एक और गंभीर घटना सामने आई। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मुंबई साइबर पुलिस को बताया कि 15 से 17 अक्टूबर के बीच अज्ञात लोगों ने बैंक के सिस्टम में घुसकर आरबीआई के पास रखे उसके सेटलमेंट अकाउंट से 13.97 करोड़ रुपये निकाल लिए। कुल 187 अनधिकृत लेनदेन हुए, जो 36 अलग-अलग बैंक खातों में गए। बैंक का आरोप है कि ये लेनदेन सामान्य बैंकिंग चैनल से नहीं हुए, बल्कि SFMS सर्वर तक पहुंच बनाकर किए गए।

एंकर (प्रभाव और जोखिम):दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और अभी तक इनके बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला है। लेकिन दोनों ही बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और करेंसी की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।सबसे बड़ी चिंता ये है कि अगर नकली नोट बैंकों के जरिए सिस्टम में घुस गए, तो आम आदमी बैंक से नकली नोट निकाल सकता है और अनजाने में किसी और को पेमेंट कर सकता है। ऐसे में वो खुद भी नकली नोट सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकता है।खून-पसीने की कमाई नकली नोटों में न डूबे, ये सुनिश्चित करना बैंकों और जांच एजेंसियों दोनों की जिम्मेदारी है।

जांच अभी जारी है। लोकजन टुडे दोनों मामलों पर नजर रखे हुए है। आम नागरिकों से अपील है कि बैंक से मिले नोटों की जांच जरूर करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें।


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