मंत्री विधायकों अधिकारियों को सपने में भी स्विजरलैंड और इटली दिख रहा आजकल

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मंत्री जी, जैविक खेती के गुर सीखने विदेश नहीं, सिक्किम जाओ।
– घूमने जा रहे हो तो जाओ, जैविक फसल का बहाना न बनाओ।
– क्या स्वीट्जरलैंड-इटली में होते हैं जंगली सूअर और गूणी-बांदर?
 मंत्री  जी 25 जुलाई से 5 अगस्त तक विदेश दौरे पर जा रहे हैं। उनके साथ पांच विधायक और अफसरों की टीम भी जर्मनी, इटली और स्विटजरलैंड जा रही है। कहा जा रहा है कि वह सभी यहां जैविक खेती के गुर सीखेंगे। लेकिन सुनकर बड़ी हैरानी होती है। क्योंकि यदि वाकई इन नेताओं को जैविक खेती के गुर सीखने हैं तो 100% जैविक राज्य सिक्किम जाएं। इन तीन देशों के मुकाबले में सिक्किम कई गुना अधिक जैविक स्टेट है। जिसे संयुक्त राष्ट्र ने भी सम्मानित किया है। सिक्किम में 20 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की जा रही है जो कि इन तीन देशों के कुल जैविक खेती रकबे से भी अधिक है।
स्विटजरलैंड में जैविक खेती पर अनुसंधान हो रहा है, भारत में भी। हम अपने वैज्ञानिकों को कुछ नहीं समझते। केवीके और पूसा बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जबकि जानकारी के अनुसार स्विटजरलैंड में महज 95 हजार हेक्टेयर पर ही जैविक खेती की जा रही है जो कि देश की कुल खेती भूमि का महज 9.2 प्रतिशत है। यहां महज 7 हजार आर्गनिक फार्म्स हैं। अधिकांश फार्म में मीट, अंडे का उत्पादन हो रहा है। ट्राउट फार्मिंग भी अच्छी है। उत्तराखंड आस्ट्रेलिया से साढ़े आठ करोड़ की 400 मेरिनो भेड़ लाया। इन भेड़ों का अता-पता नहीं है। स्विटजरलैंड में आर्गिनिक प्रॉडक्ट की मार्किंटिंग केवल 5 प्रतिशत है। हां, वहां जैविक उत्पादन का वर्गीकरण किया गया है। उसकी मार्केटिंग अच्छी होती है। हम अपने जैविक उत्पादों की ग्रेडिंग ही नहीं कर पाते।
इटली की जैविक खेती पर राष्ट्रीय सूचना प्रणाली यानी सिनैबेक के आंकड़ों के अनुसार वहां महज 5 प्रतिशत कृषि भूमि पर जैविक खेती की जा रही है। वह भी तब, जब इसमें 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इटली के सिसिली और कैलब्रिया में ही अधिकांश जैविक खेती होती है। अहम बात यह है कि इटली के दक्षिण प्रांतों में जैविक खेती में गिरावट देखी गयी है। कामुट यानी आटा टाइप वस्तु, पास्ता, चावल और ब्रेड के प्रकार में से कुछ जैविक है। हालांकि यहां भी जैविक अंडे, दूध और ब्रेड की सर्वाधिक बिक्री होती है।
जर्मनी में वर्ष 2030 तक कुल खेती का 20 प्रतिशत भूमि जैविक खेती करना लक्ष्य है। जबकि अभी यहां महज 7.8 प्रतिशत खेती ही जैविक है। यहां लगभग 30 हजार आर्गेनिक फार्म्स हैं। यहां औसतन पांच किसान जैविक खेती कर रहे हैं। यहां जैविक खेती का 10 बिलियन यूरो का बाजार है। इसके बावजूद जर्मनी में जैविक उत्पादों का आयात होता है। आर्गनिक फूड प्रॉडक्ट एलाइंसेस बीएलओडब्ल्यू के मुताबिक यहां 40 हजार किसान जैविक खेती कर रहे हैं।
अब बात कर लेते हैं देश के पहले जैविक स्टेट सिक्किम की। सिक्किम 2016 में पूर्ण रूप से जैविक राज्य बना। संयुक्त राष्ट्र ने इस राज्य को आस्कर अवार्ड भी दिया। यहां 8 लाख 35 हजार हेक्टेयर भूमि में जैविक खेती हो रही है और इससे 4 लाख किसान जुड़े हैं। आर्गनिक स्टेट बनने के बाद सिक्किम के पर्यटन में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। यहां दुनिया भर के आर्गनिक फार्म्स हैं, आर्गनिक स्कूल हैं और बायो विलेज हैं। खेती के लिए पोषण प्रबंधन, कीट प्रबंधन, तकनीक और प्रयोगशालाएं बनीं। साथ ही मार्केटिंग में जबरदस्त सुधार किया है।
इसलिए उत्तराखंड राज्य मैं किसी को लेकर कोई बड़ा बदलाव यदि ईमानदारी से करना चाहते हैं तो जैविक खेती के गुर सीखने  सिक्किम जाना चाहिए।
By- journlist gunanand Jee FB wall

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