फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का चौतरफा प्रहार; एसएसपी के कुशल नेतृत्व में 11वीं गिरफ्तारी !

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संवाददाता: करन सहगल

उत्तराखंड को पूर्णतः अपराध मुक्त बनाने के विजन के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ के अत्यंत कुशल, दूरदर्शी एवं दृढ़ नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स ने राज्य में सक्रिय फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के एक बहुत बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बेहद सटीक रणनीतिक योजना और त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने देर रात काशीपुर क्षेत्र में एक बेहद प्रभावी छापेमारी की, जिसमें गिरोह से जुड़े 11वें शातिर अभियुक्त को दबोचने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है।

काशीपुर क्षेत्र में दी गई बेहद प्रभावी दबिश के दौरान एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े 11वें आरोपी को धर दबोचा, जिसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

​यह संपूर्ण कार्रवाई माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन को धरातल पर उतारने और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में संचालित की जा रही है। एसएसपी एसटीएफ के नेतृत्व में टीम इस समय बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की बहुत गहराई से और तकनीकी विश्लेषण के साथ जांच कर रही है, जिसमें लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं।

देर रात सघन दबिश में पकड़ा गया शातिर आरोपी

​प्राप्त विवरण के अनुसार, एसटीएफ द्वारा पूर्व में की गई गहन जांच और जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर गत 4 जून 2026 को जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना कोतवाली काशीपुर में एफआईआर संख्या-213/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसी मुकदमे की विवेचना के क्रम में, एसएसपी एसटीएफ के कुशल और साहसिक नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने काशीपुर क्षेत्र में चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए सघन छापेमारी की। इस अत्यंत गोपनीय व सटीक कार्रवाई में टीम ने फईम अहमद, निवासी बसई चौक, हरियावाला चौराहा, थाना कुण्डा, ऊधमसिंहनगर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। आरोपी के पास से .32 बोर की एक अत्याधुनिक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 09 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर के पते पर फर्जी तरीके से यह शस्त्र लाइसेंस तैयार करवाया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि— “फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह संगठित नेटवर्क हमारे राज्य की कानून-व्यवस्था तथा जनसुरक्षा के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और इस सिंडिकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी जांच के दायरे में जो भी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक या हथियार सप्लायर आएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसकी जगह सीधे जेल की सलाखों के पीछे होगी।”

एसएसपी एसटीएफ ने आगे बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जितने भी फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारक हैं, वे स्वयं आगे आकर अपने हथियारों और लाइसेंसों के साथ एसटीएफ के समक्ष तुरंत आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा चिन्हित होने पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अब तक की एसटीएफ कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े

एसएसपी एसटीएफ के रणनीतिक कौशल के चलते इस अभियान में अब तक अभूतपूर्व सफलताएं मिली हैं:

० कुल दर्ज मुकदमे: राज्य के विभिन्न जनपदों में 03 अभियोग पंजीकृत।

० गिरफ्तारियां: 11 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।

० शस्त्र बरामदगी: 15 अवैध अत्याधुनिक शस्त्र बरामद

० कारतूस बरामदगी: 350 जिंदा कारतूस बरामद।

० दस्तावेज: बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद।

एसएसपी एसटीएफ के कुशल मार्गदर्शन में इस पूरी चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम०पी० सिंह, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार और हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल शामिल रहे ।


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