पूर्व मुख्य्मंत्री TSR का बेबाक़ अंदाज़!

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ईमानदार और बेबाक छवि रखने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज एक कॉन्क्लेव में भाग लिया। जहां उनसे कई सवाल भी पूछे गए जिनका उन्होंने बड़ी ही सहजता से सरल तरीके से जवाब भी दिया।

कॉन्क्लेव में उनसे जब करप्शन यानी भ्रष्टाचार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधा सा जवाब दिया की भ्रष्टाचार कभी भी नीचे से शुरू नही होता ये तो हमेशा अपर से ही शुरू होता है, उपर से मतलब परमात्मा नही है बल्कि विभागो की  हयारारकी है जो लोगो को करप्शन करने पर मजबूर करती है। इस के बाद जब क्रॉस क्वेश्चन में उनसे यह पूछा गया की प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कई सारे ड्रीम प्रोजेक्ट्स उत्तराखंड में चल रहे है क्या इनमे भी अधिकारी भ्रष्टाचार करेंगे तो अपने बेबाक अंदाज में उन्होंने ये कहा की देने वाला दे रहा है और लेने वाला ले रहा है। इससे उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा प्रहार किया है।

उनके राजनीति से सन्यास के बारे में पूछे जाने पर अपने जवाब में कहा की राजनीति का शुद्धिकरण होना अतिआवश्यक है। क्यों की अगर राजनीति का शुद्धिकरण नही किया गया तो यह राजनीति जो की आम जनता की सहूलियत के लिए बनी है वही आम जनता की दुश्मन बन जाएगी जो की प्रदेश हित में नहीं है।

श्रोताओं ने उनसे एक सवाल यह भी किया की क्या वे राजनीति में अपने प्रमोशन या किसी बड़े पद के लिया अपना दावा करेंगे तो इस पर भी उन्होंने बहुत नम्रता से जवाब दिया की वे एक कार्यकर्ता है और  राजनीति में सबसे बड़ा पद एक कार्यकर्ता का होता है। राजनीति में कार्यकर्ता ही समाजसेवी होता है जो समाज और जनता के हितों के लिए काम करता है।  तरह से उन्होंने यह भी बताया की उनका अभी राजनीति से सन्यास लेने का कोई विचार नहीं है। देवस्थानम बोर्ड के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया की देवस्थानम बोर्ड के प्रस्ताव और उसे बनाने पर स्वीकृति मिलने पर ही देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया था, सड़ने भी इसपर किसी तरह कोई विरोध नहीं हुआ था इसीलिए सबके हितों को ध्यान में रखते हुए देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया था।


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