देहरादून में कल होने वाली नीट (यूजी) पुनरपरीक्षा को लेकर धारा 163 लागू !

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संवाददाता: करन सहगल

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा कल यानी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) पुनरपरीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त/राजस्व) कृष्ण कुमार मिश्रा ने जनपद के सभी 16 परीक्षा केंद्रों के चारों ओर 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश परीक्षा समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।

चूंकि समय कम था, इसलिए प्रशासन ने जनहित को ध्यान में रखते हुए बिना दूसरे पक्ष को सुने यह एकपक्षीय आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

हथियारों और लाठी-डंडों पर पूरी तरह रोक: परीक्षा केंद्र के आसपास कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, लाठी, हॉकी स्टिक, तलवार या ढाई इंच से अधिक फल (ब्लेड) वाले तेज धारदार हथियार, बम या बारूद लेकर नहीं चल सकेगा। हिंसा के उद्देश्य से ईंट, पत्थर या रोड़े इकट्ठा करने पर भी प्रतिबंध है। हालांकि, यह नियम ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लागू नहीं होगा।

पटाखों के इस्तेमाल पर पाबंदी: कोई भी व्यक्ति अपने घर के आंगन को छोड़कर सड़क, गली या चौराहे पर पटाखे या बारूद से बनी किसी भी वस्तु का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

लाउडस्पीकर और भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर के प्रयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की नारेबाजी, सरकारी इमारतों पर नारे लिखना, सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण देना और भ्रामक साहित्य का प्रचार-प्रसार करना पूरी तरह वर्जित है।

​भीड़ इकट्ठा करने और जुलूस पर रोक: परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को छोड़कर, केंद्रों के पास किसी भी सार्वजनिक स्थान या चौराहे पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया या चौपहिया वाहनों के काफिले के रूप में जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने या बिना पूर्व अनुमति के सार्वजनिक सभा करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

​सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं: कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजकीय (सरकारी) संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

अपर जिला मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि इन आदेशों को जारी करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी अवांछनीय या असामाजिक तत्व परीक्षा के दौरान व्यवधान न डाल सके और आपसी सामंजस्य बना रहे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि आम जनता को इसकी जानकारी मिल सके।


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