साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत: अब घर बैठे वापस मिलेगा होल्ड पैसा, गृह मंत्रालय ने शुरू किया ‘MRM’ पोर्टल !

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संवाददाता : करन सहगल

साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। ठगी गई रकम को वापस पाने के लिए अब पीड़ितों को थानों और बैंकों के चक्कर काट कर परेशान नहीं होना पड़ेगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय (I4C) द्वारा ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के तहत एक नया जनोपयोगी पोर्टल “Money Restoration Module” (MRM) लाइव कर दिया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे ही अपनी होल्ड (फ्रीज) की गई धनराशि को वापस पाने के लिए ऑनलाइन रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज करा सकेंगे।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने इस नई पारदर्शी व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित राहत देने और उनके फ्रीज पैसों को सीधे उनके बैंक खातों में वापस भेजने के लिए यह प्रभावी कदम उठाया गया है।

कौन कर सकेगा आवेदन?

इस नए पोर्टल पर रिफंड के लिए केवल वही साइबर पीड़ित पात्र होंगे, जिन्होंने साइबर अपराध का शिकार होने के तुरंत बाद 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई हो या जिनके पास 14-अंकीय रजिस्टर्ड एक्नॉलेजमेंट नंबर उपलब्ध हो।

विशेष नोट: यह पोर्टल केवल उन मामलों के लिए है जहाँ अपराधियों के बैंक खातों में पीड़ित की रकम समय रहते ‘होल्ड’ करा दी गई है। यदि अपराधियों द्वारा खाता से पैसा निकाल लिया गया है, तो उन मामलों में इस पोर्टल से रिफंड नहीं होगा।

रिफंड प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए धनराशि की सीमा और कानूनी आवश्यकताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

🌕 यदि किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की राशि होल्ड है, तो इसके लिए किसी भी FIR या कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं होगी। पुलिस आख्या और इन्डेमनिटी बॉन्ड के आधार पर पैसा सीधे पीड़ित के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।

🌕 यदि पीड़ित की कुल होल्ड राशि 50 हजार से ज्यादा है, लेकिन वह अलग-अलग खातों में बंटी हुई है (और किसी भी एक खाते में 50 हजार से अधिक नहीं है), तो इस स्थिति में भी बिना FIR या कोर्ट ऑर्डर के केवल पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तुरंत रिफंड मिलेगा।

🌕 यदि किसी एक ही बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की रकम होल्ड हुई है, तो नियमानुसार FIR होना अनिवार्य है। FIR दर्ज होने के बाद पीड़ित इस MRM पोर्टल के जरिए रिफंड क्लेम की आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

इन 5 सरल चरणों में करें ऑनलाइन आवेदन

पीड़ित गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल के जरिए निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:

➡️ वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://mrm-ncrp.mha.gov.in/ पर लॉगिन करें।

➡️ ​सिटिजन लॉगिन: NCRP शिकायत में रजिस्टर्ड अपने मोबाइल नंबर को दर्ज कर OTP के जरिए लॉगिन करें।

​➡️ रिफंड रिक्वेस्ट: अपनी 14-अंकीय Complaint ID डालकर OTP सत्यापित करें। इसके बाद होल्ड अमाउंट स्क्रीन पर स्वतः दिखाई देने लगेगा।

​➡️ बैंक विवरण: अपना PAN Card अपलोड करें और जिस खाते में पैसा वापस चाहिए, उसका अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें।

​➡️ सबमिट: घोषणा पत्र को टिक करके सबमिट करें। इसके बाद आपको एक Unique Request ID (MR2026…) मिलेगी, जिससे आवेदन का स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।

आवेदन के बाद संबंधित पुलिस टीम द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS की धारा 106(3)) के तहत Indemnity Bond/Notice पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक सीधे पीड़ित के खाते में पैसा रिस्टोर (वापस) कर देगा।

​एसटीएफ की आम जनता से विशेष अपील

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि यह पूरी प्रक्रिया 100% निःशुल्क, सुरक्षित और पारदर्शी है। रिफंड कराने के नाम पर किसी भी बिचौलिए, दलाल या अज्ञात व्यक्ति को पैसे न दें। आवेदन के लिए केवल आधिकारिक लिंक का ही प्रयोग करें। यदि ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध “USER MANUAL GUIDE” की मदद लें या अपने नजदीकी थाने/जनपद की साइबर सेल में जाकर निःशुल्क सहायता प्राप्त करें।​

याद रखें: साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते ही बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि अपराधियों के खातों में आपकी रकम को तुरंत होल्ड किया जा सके।


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