उत्तराखंड में अवैध व फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों पर STF का बड़ा प्रहार: काशीपुर से 3 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में पिस्टल व कारतूस बरामद !

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संवाददाता: करन सहगल

सीएम धामी के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ के कड़े निर्देशों के क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तराखंड एसटीएफ और जनपद ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कल देर रात काशीपुर क्षेत्र में एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 03 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 03 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 जिंदा कारतूस (.30 व .32 बोर) और 3 कूटरचित (फर्जी) शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर बड़ी संख्या में आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की जांच के लिए पिछले दो महीनों से एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जाँच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर से निर्गत दिखाए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर कुछ व्यक्तियों ने काशीपुर स्थित एक गन हाउस से धड़ल्ले से हथियार खरीदे थे।

एसटीएफ द्वारा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों, क्रय-विक्रय अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से आधिकारिक सत्यापन कराया गया। शाहजहाँपुर प्रशासन से प्राप्त आख्या रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि इन अभियुक्तों के नाम पर वहां से कोई भी शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि जिन लाइसेंस क्रमांकों का उपयोग उत्तराखंड में किया जा रहा था, वे वास्तव में उत्तर प्रदेश में किसी अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज थे। प्रथम दृष्टया पूर्णतः फर्जी व कूटरचित पाए जाने पर एसटीएफ द्वारा कल ही काशीपुर कोतवाली में 10 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

इस संगठित फर्जीवाड़े को लेकर काशीपुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न गंभीर धाराओं—FIR No 213/2026 u/s 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5), और 111 BNS के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के तत्काल बाद हरकत में आई एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने देर रात ही छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। अधिकारियों के अनुसार, एसटीएफ पिछले दो माह से विभिन्न राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों से हजारों शस्त्र लाइसेंसों का विवरण जुटाकर गोपनीय सत्यापन की कार्रवाई कर रही है।

एसएसपी एसटीएफ की चेतावनी और अपील:

रडार पर अपराधी: बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में अवैध असलहे रखने वाले और उन्हें यहां वैध कराने का प्रयास करने वाले तमाम अपराधी एसटीएफ के रडार पर हैं।

सरेंडर का मौका: ऐसे फर्जी शस्त्र धारक अभी भी पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना वेपन सरेंडर कर सकते हैं, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

० जीरो टॉलरेंस नीति: फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उत्तराखंड पुलिस इस पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रही है।

० गोपनीयता का आश्वासन: आम जनता से अपील है कि संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की सूचना एसटीएफ के मोबाइल नंबर 9412029536 पर दें, सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

गिरफ्तार हुए अभियुक्त नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन काशीपुर, ऊधमसिंह नगर से 01 पिस्टल (30 बोर), 28 जिंदा कारतूस एवं 01 कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद हुआ।

वहीं जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चन्द्र कांडपाल निवासी: चामुंडा मंदिर, थाना काशीपुर, ऊधमसिंह नगर से 1 पिस्टल (32 बोर, 18 जिंदा कारतूस एवं 01 कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद हुआ।

गिरफ्तार हुए तीसरे अभियुक्त अजीम पुत्र नन्हे पहलवान निवासी जनपद शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी थाना काशीपुर, ऊधमसिंह नगर से 01 पिस्टल (30 बोर), 19 जिंदा कारतूस एवं 01 कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद हुआ।

गौरतलब है कि इस विशेष अभियान के तहत एसटीएफ द्वारा पूर्व में भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े 02 अलग-अलग अभियोग पंजीकृत कराए जा चुके हैं, जिनमें संलिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है।

अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसटीएफ उत्तराखंड टीम से निरीक्षक एम०पी० सिंह, निरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, हैड कॉन्स्टेबल गोविन्द बिष्ट, हैड कॉन्स्टेबल रियाज अख्तर, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, हैड कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र सामंत, कॉन्स्टेबल सोनू पाण्डे, हैड कॉन्स्टेबल चालक संजय कुमार शामिल थे।

वही ऊधमसिंहनगर पुलिस टीम से उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी, हैड कॉन्स्टेबल दीपक कुमार, कॉन्स्टेबल हरीश गोस्वामी एवं चालक ललित चौधरी शामिल थे।


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