Exclusive इनसाइट स्टोरी: किसने पहुंचाई राहत, सुपारी किलर जमानत तुड़वाकर जेल के अंदर!

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7 मई की रात अचानक हुई महिला की हत्या ने उत्तराखंड की राजधानी में सनसनी फैला दी थी और कुछ ही दिनों में दून पुलिस ने अपराधियों को पकड़कर सलाखों के पीछे डाल दिया था जिसमे पुलिस ने 10 मई को राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी सीमा और बेटे कार्तिक गुप्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था लेकिन पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड सुपारी किलर पुलिस की पकड़ से दूर था


पुलिस ने ये भी दावा किया था कि कार्तिक गुप्ता ने माता-पिता की मौन स्वीकृति के बाद मुजफ्फरनगर के अर्पित त्यागी को चार लाख रुपये की सुपारी देकर समरजहां की हत्या कराई थी। पुलिस उस दिन से ही अर्पित त्यागी की तलाश में जुटी थी लेकिन इस कहानी में सबसे चौकाने वाली बात ये है कि एक सीनियर अफसर की असहजता के चलते धर पकड़ वाली टीम को आराम करने भेज दिया और पूरी कमान अपने पुछल्ले कर्मचारियों को सौंप दी गयी जिसका सबसे जायदा फायदा मिला उक्त बदमाश को। खबर विस्तार से…..

मुुख्य आरोपी अर्पित त्यागी सोमवार को पुलिस को चकमा देकर गाजियाबाद कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। ये खबर उत्तराखंड की पुलिस के लिए काफी परेशान करने वाली थी कि जिस आरोपी को पकड़ने के लिए खुद एसपी सिटी ने दिन रात एक कर दिए थे कल वो अचानक अपनी बेल तुड़वाकर दोबारा से जेल पहुंच गया तर्क चाहे कुछ भी हो लेकिन जो बाते छन- छन कर सामने आ रही है वो काफी चौकाने वाली है विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि उत्तराखंड की पुलिस की टीम अर्पित के नजदीक पहुंच चुकी थी लेकिन एक सीनियर को ऐसी मिर्ची लगी कि पूछिए मत पहले से इस मामले को खोलने वाली टीम को शांत रहने के निर्देश मिल गए थे ये काफी चौकाने वाली बात थी सूत्रों की बातो को इसलिए भी बल मिल जाता है कि जब समरजंहा की हत्या की गुत्थी सुलझाने में उत्तराखंड पुलिस की जंहा पीठ थपथपानी चाहिए थी तब उस सीनियर ने एक बार भी खुलासा करने वाली टीम को शाबाशी तक नहीं दी और तो और खुलासा करने वाली टीम उस वक्त उक्त आरोपी को पकड़ने के लिए हरियाणा में डेरा डाले हुई थी न जाने उक्त सीनियर को ऐसी क्या असहजता हुई कि टीम के कुछ लोगो की छुट्टी स्वीकृत कर दी और आगे की बागडोर अपने हाथो में लेकर वाह वाही लेने के सपने देखने लगा इसी का नतीजा है कि आज उक्त बदमाश गाज़ियाबाद कोर्ट में आराम से पेश हुआ और आराम से जेल भी चला गया। ये प्रदेश पुलिस का दुर्भाग्य ही है कि काम करने वालो को काम नहीं करने दिया जाते और चाटुकार अफसर जो बड़े बड़ो की चाटुकारिता में बढ़ती जा रही है ये पहला मौका नहीं जब एक सीनियर की वजह से बदमाश को राहत पहुंची है।

पुलिस अब अर्पित त्यागी को वारंट के आधार पर देहरादून लाने की तैयारी में जुट गई है। अधिकारियों का दावा है कि अर्पित दून पुलिस के दबाव के चलते जेल में गया है। शहर के सहस्त्रधारा रोड पर सात मई की रात कार सवार बदमाश ने मुजफ्फरनगर के न्याजूपुरा निवासी समरजहां उर्फ रिहाना की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।


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