हल्द्वानी में ‘खाकी’ पर लगा दाग: क्या कानून के रखवालों पर ही हावी हो गई है अनुशासनहीनता?

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संवाददाता: करन सहगल

हल्द्वानी (उत्तराखंड): देवभूमि में पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हल्द्वानी कोतवाली, जो आम जनता को सुरक्षा का भरोसा देने के लिए जानी जाती है, वहां उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस वालों के बीच ही मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं।

खबर है कि कोतवाली परिसर में किसी बात को लेकर एक महिला दरोगा और Special Operation Group (SOG) के एक सिपाही के बीच तनातनी हो गई। बात सिर्फ कहासुनी या तीखी बहस तक ही सीमित नहीं रही; गुस्से में बदहवास सिपाही ने आपा खोते हुए महिला दरोगा के चेहरे पर ‘जोरदार थप्पड़’ जड़ दिया !

कोतवाली परिसर में गूंजी इस थप्पड़ की आवाज ने महकमे के आला अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। जैसे ही थप्पड़ गूंजा, मौके पर सन्नाटा पसर गया और मामले की भनक आला अधिकारियों तक पहुंची।

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ट्रांसफर?

क्या यही है कानून का पाठ!घटना के तुरंत बाद मामला जिले के उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कार्रवाई के नाम पर केवल ‘पचड़ा दबाने’ जैसा कदम उठाया गया। सिपाही को महज SOG की स्पेशल ड्यूटी से हटाकर नैनीताल पुलिस लाइन भेज दिया गया।

सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में इस लचर कार्रवाई पर तरह-तरह की चर्चाएं गरम हैं:

“क्या महकमे में अनुशासन अब इतिहास बन चुका है?”

“जब पुलिस स्टेशन के भीतर एक महिला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की क्या गारंटी?”

“सिर्फ तबादला ?

क्या विभागीय जांच और सख्त कानूनी एक्शन से महकमा बच रहा है ?

“सोशल मीडिया पर वायरल और जिले भर में चटखारेयह खबर आग की तरह पूरे जिले और सोशल मीडिया ग्रुप्स पर फैल गई है। लोग इस घटना के बाद से पुलिस की कार्यशैली और आंतरिक गुटबाजी पर सवाल उठा रहे हैं। मीम्स से लेकर गंभीर पोस्ट्स तक, हर तरफ एक ही सवाल तैर रहा है कि आखिर विशेष दस्ते (SOG) के सिपाही में इतना दुस्साहस कहां से आया कि उसने अपनी ही अफसर पर हाथ उठा दिया?

क्या एसएसपी नैनीताल इस मामले पर कोई सख्त नजीर पेश करेंगे, या फिर यह मामला भी महकमे की अंदरूनी फाइलों में दबकर रह जाएगा ?


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