मासूम की ढाल बनी दून पुलिस, कलयुगी माँ ही निकली बेटी की सौदागर: ₹1.5 लाख में किया था सौदा, माँ समेत 04 गिरफ्तार !

Share your love

संवाददाता : करन सहगल

क्षेत्राधिकारी डालनवाला: श्री नितिन लोहानी

एक मां, जिसे बच्चे का सबसे सुरक्षित ढाल माना जाता है, जब वही पैसों के लालच में अपनी ही कोख का सौदा कर ले तो समाज और रिश्तों पर से विश्वास उठने लगता है। देहरादून के थाना राजपुर क्षेत्र में एक ऐसा ही सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी मां ने अपनी महज 15 वर्ष की नाबालिग बेटी को डेढ़ लाख रुपये में बेच डाला। जब सौदे की पूरी रकम नहीं मिली, तो पुलिस को गुमराह करने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी। हालांकि, दून पुलिस की सूझबूझ और सटीक जांच के आगे मां की यह गहरी साजिश बेनकाब हो गई।

एक मां अपनी बेटी को डेढ़ लाख में कैसे बेच सकती है?

कानून और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाली यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि ममता के कलंकित होने की पराकाष्ठा है।

पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मां नीलम देवी की मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान पिंकी मलिक नाम की महिला से हुई थी। पिंकी ने नीलम से कहा था कि उसे एक लड़की की आवश्यकता है और इसके बदले वह अच्छा पैसा दे सकती है।

गरीबी और खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए नीलम ने अपनी 15 वर्षीय बेटी का सौदा करने में जरा भी संकोच नहीं किया और पिंकी से ₹1.5 लाख की मांग कर डाली। एक मां द्वारा अपनी ही बच्ची का सौदा करना उसकी संवेदनहीनता, नैतिक पतन और रातों-रात पैसों के लालच को दर्शाता है। सौदेबाजी की इस घिनौनी श्रृंखला में पिंकी मलिक ने आगे लड़की को मुजफ्फरनगर के लवी कुमार को सौंपा, जिसने शादी के उद्देश्य से उसे ₹2 लाख में मनीष नाम के व्यक्ति को बेच दिया।

पूरा पैसा न मिलने पर रची झूठी कहानी

सौदे के तहत बिचौलियों ने मां नीलम देवी को ₹80,000 नकद दिए और शेष राशि बाद में देने का वादा किया। तय समय बीत जाने के बाद जब नीलम को बाकी पैसे नहीं मिले, तो उसे एक तरफ रकम डूबने का डर सताने लगा और दूसरी तरफ अपनी इस करतूत के पकड़े जाने का खौफ हुआ। खुद को बचाने और पैसे वसूलने का दबाव बनाने के लिए नीलम ने 05 जुलाई 2026 को थाना राजपुर पहुंचकर अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का झूठा प्रार्थना पत्र दे दिया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल बीएनएस की संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

थाना राजपुर पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मैन्युअल पुलिसिंग के आधार पर सुराग जुटाया, जिससे पता चला कि नाबालिग लड़की उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में है।

पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर में दबिश देकर आरोपी मनीष पुत्र राजकुमार, निवासी: ग्राम घटायन, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) और लवी कुमार पुत्र बिल्लू निवासी- नागोरी, थाना फलावदा, जनपद मेरठ (उ.प्र.) को गिरफ्तार किया तथा पीड़िता को सकुशल बरामद किया। सख्ती से पूछताछ में लवी कुमार ने पूरी सच्चाई उगल दी कि उसने पिंकी मलिक पत्नी सुकरम निवासी ग्राम कुकड़ा मंडी, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर के माध्यम से लड़की को उसकी मां नीलम देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी: नांगल हटनाला, सहस्रधारा रोड, देहरादून से खरीदा था।

इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बिचौलिया महिला पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर से और मुख्य साजिशकर्ता मां नीलम देवी को सहस्रधारा रोड, देहरादून से गिरफ्तार कर लिया।

अभियुक्तों की धरपकड़ करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष राजपुर उपनिरीक्षक पी०डी० भट्ट, उपनिरीक्षक अनित कुमार, महिला उपनिरीक्षक सीमा चौहान, कॉन्स्टेबल मोहित, कॉन्स्टेबल अमित, और एसओजी देहरादून से हैड कॉन्स्टेबल किरण कुमार शामिल थे।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.