ईद-उल-जुहा को लेकर दून पुलिस अलर्ट: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर…

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बाईट: एसएसपी देहरादून

संवाददाता: नितिन पिपलानी

ईद-उल-जुहा (बकरीद) के पावन पर्व के दृष्टिगत देहरादून पुलिस ने शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार, संपूर्ण नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इसे 05 जोन, 11 सेक्टर और 35 सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

सुरक्षा के इस खाके के तहत प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) को सौंपी गई है। वहीं, सेक्टरों में निरीक्षक/थानाध्यक्ष और सब-सेक्टरों में उप-निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) स्तर के अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

सड़कों पर नमाज और खुले में कुर्बानी पर पाबंदी

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सभी थाना क्षेत्रों में प्रबुद्ध और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ ‘अमन कमेटी’ की बैठकें आयोजित की हैं। बैठक में सभी से त्योहार को आपसी सद्भाव और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई है।

मुख्य दिशा-निर्देश:

० निर्धारित स्थल: मुस्लिम समुदाय के लोगों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थलों पर ही की जाए।

० सड़क पर नमाज नहीं: किसी भी परिस्थिति में सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी।

० अवांछनीय तत्वों पर कार्रवाई: पुलिस ने पूर्व के विवादों को संज्ञान में लेते हुए गोकशी और अवैध पशु कटान में संलिप्त रहे अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल’ पहरा

त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अवांछनीय तत्वों पर पुलिस की खुफिया इकाई (एलआईयू) और स्थानीय पुलिस लगातार नजर रख रही है। इसके साथ ही, पुलिस के सोशल मीडिया सेल को भी 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।

देहरादून पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, एक्स, व्हाट्सएप आदि) पर भ्रामक खबरें, अफवाहें या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कठोर वैधानिक (कानूनी) कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सभी थाना, चौकी और हल्का प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे गश्त करने और पल-पल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।


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