विकास कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त: दो दिन का काम छह महीने लटकाने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि, रात में काम की सशर्त मंजूरी !

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संवाददाता: करन सहगल

जनपद में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को गति देने और आम जनता को होने वाली असुविधाओं को समाप्त करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को आयोजित जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी ने पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए हैं। उक्त अधिकारी पर ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चौंबर निर्माण एवं ट्रंक लाइन से इंटरकनेक्शन के मात्र दो से तीन दिन के कार्य को पिछले दिसंबर माह से लटकाए रखने का गंभीर आरोप है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू और पीएसयू समेत कुल 14 विभागों एवं एजेंसियों के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। आम जनता को यातायात और दैनिक जीवन में न्यूनतम परेशानी हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए उच्च प्राथमिकता वाले कुछ विशिष्ट कार्यों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक करने की सशर्त अनुमति प्रदान की गई है।

मानकों से समझौता नहीं, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन इसकी आड़ में जनता को असुविधा पहुंचाना कतई स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर सड़क की सतह का सुधारीकरण हो चुका है, वहां अब किसी भी प्रकार की नई खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

डीएम ने निर्माणदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद समय पर कार्य पूरा न करने वाली एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) काटी जाएगी और भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। रात में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह होने से पहले हर हाल में भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाना आवश्यक है ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि तय मानकों का उल्लंघन करने, स्वीकृत सीमा से अधिक रोड कटिंग करने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा संपत्ति जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

बेहतर समन्वय के लिए बनेगा आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप

अधिकारियों के बीच कम्यूनिकेशन गैप को दूर करने और कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना व नियमित मॉनिटरिंग के लिए डीएम ने सभी सक्षम अधिकारियों का एक औपचारिक व्हाट्सएप ग्रुप गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे त्वरित संवाद सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति (जैसे पाइपलाइन या केबल) क्षतिग्रस्त होती है, तो संबंधित एजेंसी को तुरंत आपसी समन्वय स्थापित कर उसे ठीक कराना होगा।

इस उच्च स्तरीय बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता पिटकुल विक्रम गौतम, महाप्रबंधक गेल अम्बुज गौतम, अधिशासी अभियंता जल संस्थान आशीष भट्ट, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता एडीबी अरुण कांत, अधिशासी अभियंता यूयूएसडीए जतिन सिंह सहित एनएफएस डिफेंस ऑफिसर एल.एस. तोमर, विजेन्द्र तोमर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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