चारधाम रोड परियोजना देश के विकास में अहम: राष्ट्रपति कोविंद

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देहरादून: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा और लाल किले पर हुए विवाद की निंदा की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पिछले दिनों हुआ तिरंगे का अपमान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते राष्ट्रपति.
संसद के दोनों सत्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि ‘चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर तक सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल हो, अटल टनल हो या फिर चारधाम सड़क परियोजना। हमारा देश विकास के कार्यों को आगे बढ़ाता रहा है’।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में नए कृषि कानून और उनके खिलाफ जारी आंदोलन का जिक्र किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वर्तमान में कृषि कानूनों का अमलीकरण देश की सर्वोच्च अदालत ने स्थगित किया हुआ है। मेरी सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए उसका पालन करेगी।

क्या है चारधाम प्रोजेक्ट

केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इसके तहत केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थ स्थलों को आपस में हाईवे के जरिए जोड़ने की योजना है।

प्रोजेक्ट के तहत 889 किलोमीटर लंबी सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और इन्हें हाईवे में बदला जा रहा है। उत्तराखंड में मौसमों के बदलने पर सड़क मार्ग पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हर मौसम में चार पवित्र स्थलों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को सड़क मार्ग से जोड़े रखने के लिए केंद्र सरकार ‘चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग’ का निर्माण कर रही है। उसके बाद किसी भी मौसम में चारों धामों की यात्रा की जा सकेगी।


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