​’एक पेड़ अपने नाम’: एयर वेटरंस वेलफेयर एसोसिएशन ने वन विभाग के सहयोग से किया 50 विभिन्न प्रजातियों का वृक्षारोपण !

Share your love

देहरादून, 20 जुलाई (विशेष ब्यूरो): पूर्व वायु सैनिकों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था ‘एयर वेटरंस वेलफेयर एसोसिएशन (पंजीकृत)’ की उत्तराखण्ड राज्य इकाई द्वारा सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। संस्था ने वन विभाग के विशेष सहयोग से मणिमाई मंदिर के समीप एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान के तहत “एक पेड़ अपने नाम” के मूल संकल्प को केंद्र में रखते हुए पीपल, आंवला, जामुन और बरगद सहित लगभग 50 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का अत्यंत उत्साह के साथ रोपण किया गया।

इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह वृक्षारोपण मात्र औपचारिकता नहीं है, बल्कि सभी सदस्यों ने इन पौधों की निरंतर देखभाल करने का संकल्प लिया है। वायु सैनिकों ने भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि वे इन रोपित पौधों को अपने बढ़ते हुए बच्चों के समान पालेंगे और उनके पूरी तरह बड़े होने तक भावनात्मक रूप से उनसे जुड़े रहेंगे, ताकि पर्यावरण को वास्तव में इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और सहायता के लिए समर्पित प्रयास: उल्लेखनीय है कि ‘एयर वेटरंस वेलफेयर एसोसिएशन (उत्तराखण्ड)’ पूर्व वायु सैनिकों का एक पूर्णतः अराजनीतिक संगठन है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य देश की सेवा और वायुसेना में अपनी अनुकरणीय सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त होकर घर लौटने वाले वायु सैनिकों को समाज की मुख्यधारा और नवीन वातावरण में पुनर्स्थापित करना है। संस्था इन जांबाज सैनिकों को एक सुदृढ़ सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक मंच प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाने का निरंतर कार्य कर रही है।

सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व सैनिकों को आने वाली व्यावहारिक समस्याओं जैसे उपयुक्त आवास ढूंढने, बच्चों के दाखिले के लिए उचित विद्यालयों की जानकारी देने तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराने में यह संस्था सेतु का कार्य करती है। इसके अलावा, पेंशन या अन्य प्रशासनिक समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित सुसंगत कार्यालयों के साथ पत्राचार कर सैनिकों की हरसंभव सहायता की जाती है।

आपदा प्रबंधन और सामाजिक कार्यों में योगदान: संस्था ने राज्य सरकार के प्रति भी अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता दोहराई है। एसोसिएशन ने माननीय मुख्यमंत्री और सैनिक कल्याण मंत्री को लिखित रूप से अवगत कराया है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या सामान्य आवश्यकता के अवसरों पर राज्य के पूर्व वायु सैनिक अपनी निशुल्क सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर हैं। सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत यह संगठन सेना में भर्ती के इच्छुक निर्धन बच्चों को समय-समय पर निशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान करता है, साथ ही जैविक खेती के प्रचार-प्रसार और राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के रचनात्मक कार्यों में भी सक्रियता से संलग्न है।

संगठन के पास है विशाल ‘टैलेंट बैंक’: एसोसिएशन की सबसे बड़ी ताकत इसका विशाल और अनुभवी “टैलेंट बैंक” है। संस्था के पास पीएचडी धारक, वरिष्ठ अधिवक्ता, कुशल इंजीनियर, प्रमाणित योग गुरु, जैविक खेती के विशेषज्ञ और पूर्व पुलिस अधिकारियों के रूप में पूर्व वायु सैनिकों की एक अत्यधिक योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन क्षमता उपलब्ध है। यह संगठन पूर्णतः स्वहित (पूर्व सैनिक कल्याण), जनहित, राज्य हित और राष्ट्रहित में अपनी पूरी क्षमता के साथ निरंतर निशुल्क सेवाएं समर्पित कर रहा है।

उक्त कार्यक्रम में डा० जी एस चौहान, सुरेन्द्र सिंह परमार, दिनेश उनियाल, राजपाल सिंह रावत, अनिल रावत,उदय भंडारी,श्रीमति अर्चना भंडारी, वीरेंद्र असवाल, ध्रुव असवाल, उत्तम गोसाईं,एम एस कन्याल, गुरमीत सिंह कैंत, विधान रावत, डा॰ एस के चौहान, वाई के पतं, ज्योति असवाल,पूरन सिंह रावत,देवेंद्र सिंह,प्रदीप कुमार, विजय थापा,श्रीमती बबली थापा,अनुपम रतुड़ी उपस्थित थे।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.