रेखा आर्या प्रकरण में एक और नया खुलासा: चार कंपनियों से बाहर किए जाने की जानकारी आई सामने, फर्जी हस्ताक्षरों की जांच में जुटी एसआईटी।

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लोकजन टुडे, शीतल सकलानी

25 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी को कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या को चार कंपनियों से बाहर किया था। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें निदेशक पद से हटाने के पीछे क्या उद्देश्य था और संबंधित दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षर असली हैं या फर्जी।

किन-किन कंपनियों के नाम आए सामने?

रिपोर्ट में तीन कंपनियों के नाम सामने आए हैं।

1. मेसर्स कृष्णा-वैष्णवी एंटरप्राइजेज

2. बनखंडी रुद्राक्षधाम इन्फ्राडेवलपर प्राइवेट लिमिटेड

3. श्री अंबे ऑटो डीलर प्राइवेट लिमिटेड

एसआईटी अब तक कहाँ-कहाँ पहुँची?

जांच टीम ने हल्द्वानी और बरेली जाकर अधिकारियों से संपर्क किया और दस्तावेज जुटाने की कोशिश की। इन दस्तावेजों के आधार पर तीन प्रमुख सवालों की जांच हो रही है।रेखा आर्या को निदेशक पद से हटाने की प्रक्रिया क्या थी?क्या संबंधित दस्तावेजों पर उनके वास्तविक हस्ताक्षर मौजूद हैं?कंपनियों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड में कोई अनियमितता हुई है या नहीं?

हस्ताक्षरों की सत्यता होने की जांच के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है|

गिरधारी लाल साहू से संपर्क नहीं हो पा रहा

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, पुलिस आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन रिपोर्ट प्रकाशित होने तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने और जाँच में सहयोग करने को कहा है।

कल्पना मिश्रा और वायरल ऑडियो का क्या संबंध है?

इस पूरे प्रकरण में कल्पना मिश्रा का नाम भी सामने आया है। मामले से जुड़े एक कथित वायरल ऑडियो में उनका नाम आने के बाद एसआईटी उनकी भूमिका की भी जाँच कर रही है। ऑडियो को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आई है। गिरधारी लाल साहू ने इस ऑडियो को एआई से तैयार हुआ बताया है।


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