“ऑपरेशन प्रहार” के तहत नेहरू कॉलोनी पुलिस को मिली अभूतपूर्व सफलता, शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश; 3 गिरफ्तार, 10 वाहन व पार्ट्स बरामद !

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संवाददाता :करन सहगल

एसएसपी देहरादून के कुशल मार्गदर्शन में दून पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। राजधानी के नेहरू कॉलोनी थाने की जांबाज पुलिस टीम ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अत्यंत मुस्तैदी दिखाते हुए क्षेत्र में सक्रिय एक बेहद शातिर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देने वाले तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 8 दोपहिया वाहन और 2 एक्टिवा के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं। नेहरू कॉलोनी पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की स्थानीय जनता और उच्चाधिकारियों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिछले कुछ समय से अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने अत्यंत पेशेवर कार्यशैली का परिचय देते हुए सभी घटनास्थल और उनके आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ-साथ पुलिस टीम ने पूर्व में जेल जा चुके अपराधियों का भौतिक सत्यापन भी किया।

थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस की रात-दिन की अथक मेहनत आखिरकार रंग लाई। दिनांक 2 जुलाई 2026 को चेकिंग के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को धर दबोचा। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मोहन क्षेत्री उर्फ मांचा पुत्र दिल बहादुर, निवासी हरिपुर नवादा, निकट शिव मंदिर, नेहरू कॉलोनी, ​वीरपाल उर्फ भेड़ पुत्र सरफराज, निवासी मिनी मसूरी नवादा, नेहरू कॉलोनी और अरसल पुत्र असलम निवासी रफीक का मकान, भगत सिंह कॉलोनी, रायपुर है।

पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। अभियुक्त मोहन क्षेत्री और वीरपाल दोनों ही नशे के बेहद आदी हैं। अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए वे सुनसान इलाकों में रेकी करते थे और मास्टर की (चाबी) का इस्तेमाल कर या लॉक तोड़कर वाहन उड़ा ले जाते थे। इसके बाद वे वाहनों को अपने तीसरे साथी अरसल, जो कि पेशे से मैकेनिक है, को बेच देते थे। अरसल पुलिस से बचने के लिए वाहनों के पार्ट्स अलग कर कबाड़ियों को ठिकाने लगा देता था। मुख्य अभियुक्त मोहन क्षेत्री पहले भी आर्म्स एक्ट और चोरी के कई संगीन मामलों में जेल जा चुका है

शानदार सफलता दर्ज करने वाली नेहरू कॉलोनी पुलिस टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन से खुश होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा टीम को 2,500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक मनोज नौटियाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक आशीष कुमार, चौकी प्रभारी जोगीवाला उपनिरीक्षक गिरीश बडोनी, चौकी प्रभारी बाईपास उ0नि0 विनय मोहन द्विवेदी, अपर उपनिरीक्षक मदन सिंह बिष्ट, हैड कॉन्स्टेबल हितेश, हे0कां0 श्रीकांत ध्यानी, कॉन्स्टेबल अर्जुन सिंह, कॉन्स्टेबल संदीप और कॉन्स्टेबल सुमित शामिल रहे। इन सभी जांबाजों की सतर्कता के कारण ही शहर में एक बड़े चोर गिरोह का खात्मा संभव हो पाया है।


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