शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों की लगाई क्लास

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उत्तराखंड : विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत ने आज शिक्षा महानिदेशालय ननूरखेड़ा में विभागीय समीक्षा बैठक में भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017 से वर्ष 2021 तक की परफाॅर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रिपोर्ट में राज्य की कमजोर स्थिति पर विभागीय अधिकारियों की जमकर क्लास ली। डाॅ0 रावत ने तमाम संसाधनों के बावजूद परफाॅर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में पिछड़ने पर यूडाइस पोर्टल की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने व जिलों से समन्वय बनाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिये। विभगीय मंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुये कहा कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

भारत सरकार द्वारा जारी विद्यालयों की परफाॅर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रिपोर्ट में पिछड़ने पर शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने पीजीआई स्कोर से संबंधी भारत सरकार के यूडाइस पोर्टल की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने व जिलों से समन्वय स्थापित करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिये। विभागीय मंत्री ने विभाग को आंवटित बजट को खर्च करने की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि पीजीआई इंडिगेटर सम्बन्धी सभी ऑनलाइन व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जाय ताकि शिक्षकों एवं छात्र-छात्रों की उपस्थिति सहित विद्यालयों का अन्य जरूरी डाटा भी ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। डॉ0 रावत ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने कार्यों का निर्वहन पूरी लगन व ईमानदारी से करने की नसीहत भी दी। विभगीय मंत्री ने समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में प्रवक्ता एवं वरिष्ठ प्रवक्ताओं के लम्बे समय से रिक्त चल रहे सैकड़ों पदों को शीघ्र भरने एवं डायट की नियमावली तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि डायट शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है जिनको एनईपी-2020 की गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिये खुद को तैयार करना होगा। इसके लिये डायट की पृथक नियमावली एवं कैडर का बनाया जाना जरूरी है। विभागीय मंत्री ने विभाग को आंवटित बजट खर्च करने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुये निर्माण एवं अन्य मदों में स्वीकृत धनराशि को समय पर खर्च करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।


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