गृहमंत्री अमित शाह के बयान से बढ़ी चिंता

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कुछ दिनों पहले गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदी के इस्तेमाल को लेकर दो बार ऐसे बयान दिए जिनसे विवाद के साथ चिंताएं भी खड़ी हो गईं और एक नई बहस ने जन्म ले लिया। गृह मंत्री ने भाषायी समिति की ताजा सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा कि, देश में अंग्रेजी को हिंदी से रिप्लेस किया जाना चाहिए। इस समिति ने सिफ़ारिश की है कि हिंदी भाषी राज्यों के आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विद्यालय जैसे तकनीकी और ग़ैर-तकनीकी उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का माध्यम हिन्दी होना चाहिए। देश के अन्य हिस्सों में स्थानीय भाषाओं में शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

 

 

इस से पहले भी अमित शाह ने हिंदी को राष्ट्र भाषा के रूप में विकसित और स्वीकार करने की बात कही थी। इसे लेकर दक्षिण भारतीय राज्यों विशेषकर तमिलनाडु और केरल में खासा बवाल खड़ा हो गया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इसका खुला विरोध करते हुए एक पत्र भी लिखा था।

अब हिंदी के प्रयोग को लेकर ताजा मामला मध्य प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर है। मध्य प्रदेश देश का वो पहला राज्य होगा जहां हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई करवाई जाएगी। 16 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह मेडिकल शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए हिंदी में तैयार किताबों का भोपाल में विमोचन करेंगे।

मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल को लेकर विवाद कम शंकाएं ज्यादा हैं। सबसे बड़ी शंका तो यही कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए किस हद तक हिंदी में संसाधन उपलब्ध हैं, दूसरा, क्या मेडिकल जैसी उच्च गुणवत्ता मांगने वाली पढ़ाई को शुरुवाती तौर पर इस तरह प्रयोग के लिए गिनी पिग बनाया जा सकता है। तीसरा, हिंदी में पढ़ाई के बाद मेडिकल का छात्र किस हद तक पेशेवर के रूप में सफल हो पाएगा। और चौथा और सबसे अहम सवाल, मौलिक शोध के अभाव में क्या हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई सिर्फ अनुवाद पर आधारित नहीं होगी जबकि मेडिकल जैसे क्षेत्र में मौलिक कामों की बहुत ज्यादा महत्ता और उपयोगिता है।

मध्य प्रदेश में इस पूरे प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेशनल एजूकेशन प्रोग्राम पर अमल की दृष्टि से लाया गया है। इसके तहत छात्रों को शिक्षा उनकी मातृभाषा में उपलब्ध कराए जाने का प्रवाधान है। नेशनल एजूकेशन प्रोग्राम 2020, पुरानी शिक्षा प्रणाली को बदल कर लाया गया है। नए पाठ्यक्रम में बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनके समग्र विकास पर ध्यान देने की बात कही गई है।


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