सुपर एक्सक्लूसिव लोकजन टुडे! बनारस के चुनाव को मोदी का बाबा केदार की दर से प्रचार

Share your love


अभिषेक सिन्हा, देहरादूनः अन्य नेता चुनाव से ठीक पहले प्रचार होने के बाद जहां घरों में बैठकर रणनीति पर काम करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक भी दिन बिना काम के नहीं रहना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि हर समय देश की सेवा में और विकास के लिए कुछ न कुछ किया जाए। कुछ ऐसा ही उन्होंने बनारस में होने वाले चुनाव से एक दिन पहले भी किया। मोदी चाहते तो आज आराम से दिल्ली में अपने आवास में रहकर चुनाव के दौरान करीब डेढ़ सौ से अधिक रैलियों की खुमारी उतारते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। चुनाव आयोग से बाबा केदारनाथ और भगवान बदरी विशाल के दर्शनों की अनुमति ली। इसकी वजह आचार संहिता है। अब चूंकि वे केदारनाथ में आए हैं और उन्होंने एक भी शब्द नहीं बोला, लेकिन इसके बावजूद अप्रत्यक्ष रूप से बनारस में उनका चुनाव प्रचार भी हो रहा है। अगर आप नहीं समझे तो हम आपको बताते हैं। दरअसल बनारस हिंदू धर्म की आस्था का केंद्र हैं। यहां पर अधिकांश लोगों का भगवान शिव में अटूट विश्वास है। ऐसे में जब पीएम मोदी बाबा केदार यानि शिव की स्थली में मतदान से ठीक एक दिन पहले तपस्या करेंगे तो निश्चित तौर पर उसका असर रविवार को बनारस में होने वाले मतदाताओं के दिलो दिमाग में छा जाना तय है।
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर किए बाबा केदार के दर्शन, अभिषेक के साथ पूजा—अर्चना की। साथ ही केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री सुबह नौ बजकर 37 मिनट पर केदारनाथ धाम पहुंचे, दस बजकर सात मिनट पर उन्घ्होंने पूजा अर्चना शुरू की। करीब 17 मिनट तक पीएम मोदी ने पूजा की। पुरोहितों ने मोदी को अंगवस्त्र भेंट किया। मोदी ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी हुई थी। कमर में गमछा बंधा था, हाथ में छड़ी थी। इसके बाद उन्घ्होंने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद वहां मौजूद तीर्थयात्रियों और स्घ्थानीय लोगों का पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्घ्वीकार किया।
परिक्रमा के बाद पीएम को मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शाल ओढ़ाया। इस मौके पर स्घ्मृति चिह्न भी भेंट भी किया। इसके बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर के समीप चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों से संबंधित नक्घ्शों का अवलोकन भी किया। करीब एक घंटे तक केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पीएम मोदी विश्राम के लिए मंदिर के पास सेफ हाउस पहुंचे। यहां कुछ देर विश्राम करेंगे।
बाबा केदार को प्रधानमंत्री ने करीब सवा क्विंटल पीतल का घंटा भी अर्पित किया। दोपहर में मोदी केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। इससे पूर्व मोदी का देहरादून एयरपोर्ट में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वागत किया। रविवार को भगवान बदरी विशाल के दर्शन प्रधानमंत्री करेंगे।

पीएम ने पहनी है गढ़वाली पोशाक
पीएम नरेंद्र मोदी ने गढ़वाली पोशाक पहनी हुई है। साथ ही सिर पर हिमाचली टोपी लगाए हुए हैं। पीएम मोदी ने कमर भगवा गमछा बांधा हुआ है।

मंदिर में चढ़ाया बाघाम्घ्बर और अर्पित किया घंटा
पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम पर बाघाम्बर प्रिघ्ंंट का अंग वस्घ्त्र चढ़ाया है और घंटा भी अर्पित किया है। घंटे का वजन एक से डेढ़ क्विंटल का है। धर्म के जानकार बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह घंटे या घंटियां मंदिर में चढ़ाते हैं। कई बार लोग मन्नत मांगने के समय भी इस तरह का उपहार चढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किघ्या। उन्घ्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। रात्रि विश्राम भी वह केदारनाथ में कर सकते हैं। अगले दिन रविवार को वह बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीनारायण के दर्शन करेंगे और दोपहर बाद दिल्ली लौट जाएंगे।
उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का खास लगाव है और केदारनाथधाम के प्रति उनकी अगाध आस्था है। एक दौर में नमो ने केदारनाथ के नजदीक ही गरुड़चट्टी में साधना की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अक्सर केदारनाथ आते रहे हैं। केदारपुरी का पुनर्निर्माण उनके ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल है। वह खुद इसकी मॉनीटरिंग करते आए हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि 2013 की आपदा में तबाह हुई केदारपुरी अब नए कलेवर में निखर चुकी है। पिछली बार केदारनाथधाम के कपाट खुलने व बंद होने के अवसर पर वह मौजूद रहे थे।
इस मर्तबा लोकसभा चुनाव की आपाधापी के कारण वह केदारनाथ नहीं पहुंच पाए थे, मगर माना जा रहा था कि चुनाव से निबटने के बाद वह केदारनाथ आएंगे। पिछले कुछ दिनों से उनकी उत्तराखंड यात्रा को लेकर मशीनरी सक्रिय थी और अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बीते तीन दिनों में एसपीजी के साथ ही उत्तराखंड के आला अधिकारियों ने केदारनाथ और बदरीनाथ में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री रात्रि विश्राम केदारनाथ में कर सकते हैं। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो गौचर को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि 19 मई को प्रधानमंत्री बदरीनाथ जाएंगे। वहां दर्शन करने के बाद वह पहले जौलीग्रांट पहुंचेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

केदारनाथ में एसपीजी ने संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर केदारपुरी में एसपीजी ने मोर्चा संभाल लिया है। केदारपुरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शुक्रवार को एसपीजी के अधिकारियों ने केदारनाथ में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। मोदी इससे पहले 3 मई 2017, 20 अक्घ्टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को केदारनाथ आ चूके हैं। चौथी बार केदारनाथ पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शासन—प्रशासन तैयारियों में जुटा गया था। जिससे पीएम की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई चूक न रह जाए, इसके लिए कार्यक्रम से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। डीएम व एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह से केदारनाथ में डेरा जमाए हुए हैं।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *