पुलिस टीम का प्लान B आया काम… अंकिता को मिली अंतिम विदाई!

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लोकजन टुडे

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हर कोई आक्रोश में है। मासूम अंकिता की निर्मम हत्या होने के बाद से ही हर कोई अपना अपना आक्रोश अलग अलग तरह से निकल रहा है। कभी पुलिस कस्टडी में अंकिता के हत्यारों को आम जनता द्वारा पीटा जाता है तो कभी हत्यारोपी पुलकित आर्य की फैक्ट्री को आग के हवाले किया जाता है। ये सभी घटनाएं कहीं न कहीं जनाक्रोश को दर्शाती है। वहीं आज सुबह  8 बजे के आस पास अंकिता का अंतिम संस्कार होना था लेकिन आम जनता में इतना आक्रोश था की हजारों की संख्या में लोगो ने एकत्रित होकर बद्रीनाथ हाईवे को ही जाम कर दिया। अंकिता के पिता के लाख कहने पर भी उन्होंने अंकिता का अंतिम संस्कार घंटों तक नहीं होने दिया। लोगो का कहना था की जब तक अंकिता की फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट नही आ जाती तब तक वे अंकिता का दाह संस्कार नहीं होने देंगे और सड़क को इसी तरह से जाम कर के रखेंगे।

इसी जाम की वजह से चारधाम यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ गया और इसी वजह से लगभग बीस हजार गाडियां इस जाम में फंसी रही। जिला प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस की अगर बात की जाय तो डीएम पौड़ी और एसएसपी पौड़ी सुबह से ही पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात थे। लेकिन आम जनता को सड़क जाम करने से रोकने में वे भी नाकामयाब साबित हुए। और तो और लोकल इंटेलिजेंस को भी इस बात की कानों कान भनक नहीं हुई की हजारों की संख्या में लोग एकत्रित होकर इस तरह से सड़क जाम करेंगे। सुबह से ही डीएम पौड़ी और एस एस पी पौड़ी लोगो को समझते रहे लेकिन इन लोगो का गुस्सा ऐसे कहा शांत होने वाला था। किसी के समझ में नहीं आ रहा था की आखिर करे तो क्या करे, कैसे इस सड़क जाम को खुलवाया जाय। एक ओर जाम में फंसी बीस हजार गाड़ियों में बैठे लोग परेशान हो रहे थे तो दूसरी ओर बाहर के राज्यों से चारधाम यात्रा के लिए आए हुए लोगो के सामने प्रदेश की छवि भी खराब हो रही थीं। यह मंजर इतना भयानक था की इस सड़क जाम के चलते और जनता के आक्रोश के चलते न ही किसी स्थानीय विधायक ने श्रीनगर जाने की कोशिश की और न की किसी स्थानीय नेता ने। क्योंकि जनता दिन भर सड़क पर बैठकर सीएम के मुर्दाबाद के नारे लगा रही थी इसी वजह से बीजेपी के किसी भी पदाधिकारी या बीजेपी संगठन से जुड़े किसी भी व्यक्ति ने श्रीनगर जाने की जहमत तक नहीं उठाई।

तभी दोपहर में तीन साढ़े तीन बजे के आसपास पुलिस का प्लान B काम करना शुरू हो गयाl टीम समझ चुकी थी कि आम जनता के इस आक्रोश को ऐसे ही शांत नहीं किया जा सकता क्यों की आम जनता अंकिता की फोरेंसिक रिपोर्ट आने तक उसका दाह संस्कार नहीं होने देगी। इसीलिए टीम ने एक रणनीति बनाई जिसके तहत अचानक से एक एंबुलेंस श्रीनगर बेस अस्पताल के बाहर पहुंचती है और उसमे अंकिता की पार्थिव देह को रखा जाता है। अंकिता की डेड बॉडी एंबुलेंस के अंदर रखते ही एंबुलेंस को एन आई टी घाट ले जाया जाता है और अंकिता का अंतिम संस्कार किया जाता है। यह सब इतना जल्दी और आकस्मिक तरीके से हुआ की कोई भी यह अनुमान नहीं लगा पाया की उस एंबुलेंस में अंकिता का पार्थिव देह रखा गया ही। अंकिता का अंतिम संस्कार होते ही सड़क सुबह से आम जनता द्वारा लगाया गया सड़क जाम खुल गया और यातायात व्यवस्था सुचारू हो गई। इस पूरी घटना में पौड़ी जिला प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस फेल नजर आया।


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