एंजेल चकमा हत्याकांड नस्लीय भेदभाव नहीं !

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लोकजन टुडे ब्यूरो देहरादून

एंजेल चकमा हत्याकांड को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि यह घटना जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद का नतीजा था और अब तक की विवेचना में नस्लीय भेदभाव या टिप्पणी किए जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं.

हत्याकांड में शामिल सभी लोग पहाड़ी क्षेत्रों से ही संबंध रखते हैं जिनमें से एक युवक मणिपुर का है, दो आरोपी उत्तराखंड के, एक नेपाल के हैं और दो आरोपी नाबालिग है. ऐसे में नस्लीय भेदभाव का आरोप सही नहीं है.

वहीं देहरादून के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार इस मामले की जांच अभी चल रही है, एक आरोपी जो नेपाल का रहने वाला है उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम नेपाल भेज दी गई है.

वहीं आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की. मुख्यमंत्री ने एंजेल की हत्या को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वही छठे अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को नेपाल भेज दिया गया है आगे उन्होंने मृतक परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी.

आपको बता दें कि नौ दिसंबर को त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदानगर निवासी छात्र एंजेल चकमा पर चाकू से हमला किया गया था जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 26 दिसंबर को अस्पताल में एंजेल चकमा ने दम तोड़ दिया.

वहीं मृतक छात्र का अंतिम संस्कार रविवार शाम को कर दिया गया था.


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