चोर के घर में मोर और मोर को भी मिल गया शिकारी! बड़ी मुश्किल से बची इज़्ज़त !

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लोकजन टुडे, ब्यूरो

किस्सा यूँ है कि चोरों ने शिमला से नकदी-जेवर समेटा, कीमत एक करोड़ पार। फरार होने का मास्टर प्लान: भारत छोड़ो, नेपाल घुसो।

भूल गए वो पुरानी कहावत — चोर के घर मोर। मोर इस बार वर्दी में थे, आबकारी विभाग की चैकिंग में। शराब नहीं मिली, माल मिल गया। मिन्नतें चलीं। शर्त रखी गई — अब मुँह मत दिखाना। चोरों को छोड़ दिया। रकम का बँटवारा घर जैसा, बराबर-बराबर। नेपाल पहुँचकर चोरों ने जेब टटोली तो तिजोरी वही, चाबी किसी और के पास।

तब हुआ तमाशा नंबर दो। चोर पीड़ित परिवार को फोन करने वाले बन गए। हिमाचल पुलिस कल ऊधमसिंह नगर पहुँची।

शिनाख्त घंटों में हो गई — बड़े लुटेरे छोटे निकले। फिर शुरू हुई डीलिंग। बचाने का भरोसा, माँग डबल रकम। डबल नहीं मिला तो खेला बड़ा। कहावत पूरी — बीच का बंदर, जिसे चुकंदर तक नहीं मिला। शेयर माँगा, पार्टी टूट गई।

पार्टी बोली इतने में तो जाएँगे जेल और उसके बाद मिल जाएगी बेल.. चौबीस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कप्तान साहब की टीम के जानबाज़ो ने वर्दी में छुपे मोरों को गिरफ्तार कर लिया।

उत्तराखंड पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है। सवाल वही है — कामयाबी चोर पकड़ने की है, या मोर गिनने की?या अफ़सोस 🫤


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