पहाड़ में 93 साल की महिला के हौसले को सलाम, कोरोना को मात देकर नये साल पर पहुँची घर

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श्रीनगर: उत्तराखंड में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से 93 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोरोना को हराकर घर वापस लौट गई हैं। बुजुर्ग के स्वस्थ होकर लौटने पर परिजनों ने इसे कॉलेज की ओर से नए साल का तोहफा बताया। मेडिकल कॉलेज के अनुसार यह उत्तराखंड का पहला मामला है, जब इतनी उम्र का कोई संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौटा है।

एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि में जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. बीएस बिष्ट की माता सुरजी देवी (93) अपने परिवार के साथ कंडोलिया रोड पौड़ी में रहती हैं। उनको खांसी और भूख न लगने पर तीन दिसंबर को जिला अस्पताल पौड़ी में भर्ती कराया गया। सीटी और अन्य जांच कराने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना संदिग्ध बताकर रेफर कर दिया था।

बुजुर्ग महिला तीन दिसम्बर को रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव आयी थी। जिसके बाद उसे भर्ती कराया गया था। जिसके बाद 16 दिसम्बर तथा 24 दिसम्बर को भी कोरोना जांच करने पर महिला पॉजिटिव पायी गई थी। जिसके बाद महिला कोविड आईसीयू में रखी गई थी। अब डॉक्टरों के मेहनत एवं पैरामेडिकल नर्सिंग स्टाफ व अन्य कार्मियों की मेहनत से बुजुर्ग महिला कोरोना से ठीक हो पायी। कॉलेज के डॉक्टरों ने महिला के कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद नये साल पर उनके परिजनों को बुलाकर शुक्रवार को घर भेजा गया।

कॉलेज प्रशासन ने दावा किया है कि मेडिकल कॉलेज से ठीक होकर प्रदेश में पहली बुजुर्ग महिला होगी जिसे कोरोना से ठीक किया गया। इधर प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ व कर्मचारियों की मेहनत का फल है, कि बुजुर्ग ठीक होकर घर पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बुजुर्ग महिला होगी, जो कोरोना से ठीक हुई है। इधर महिला के परिजनों ने डॉक्टरों एवं कर्मियों का आभार प्रकट किया।


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