साइबर ठगों पर कसता शिकंजा: पीड़ितों को जल्द वापस मिलेगी ठगी गई रकम, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक !

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संवाददाता : करन सहगल

उत्तराखण्ड में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और साइबर ठगी के शिकार हुए निर्दोष पीड़ितों की फंसी हुई धनराशि को जल्द से जल्द वापस दिलाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में Money Restoration Module (MRM) एवं Grievance Redressal Mechanism (GRM) के प्रभावी क्रियान्वयन और साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित नियंत्रण के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

पीड़ितों को धनराशि की शीघ्र वापसी मुख्य प्राथमिकता…

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में संदिग्ध बैंक खातों में केवल धनराशि को ‘होल्ड’ या ‘लियन’ (रोकना) करना ही काफी नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया पूरी कर पात्र पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई वास्तव में और समयबद्ध रूप से वापस दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

म्यूल अकाउंट्स और निकासी हॉटस्पॉट्स पर सर्जिकल स्ट्राइक…

मुख्य सचिव ने पुलिस, बैंकिंग संस्थानों, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:

● म्यूल अकाउंट्स की पहचान: फर्जी या भाड़े के बैंक खातों तथा संदिग्ध लेन-देन वाले खातों को चिन्हित कर उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

● ​निकासी हॉटस्पॉट्स की निगरानी: जिन ATM और बैंक शाखाओं (चैक निकासी) से साइबर ठगी का पैसा बार-बार निकाला जा रहा है, उन्हें ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित कर कड़ी निगरानी रखी जाए।

● ​साक्ष्य सुरक्षा: बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध ट्रांजेक्शन से जुड़े KYC दस्तावेज़, CCTV फुटेज और बैंक रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEA) को समय से उपलब्ध कराएं।

1930 हेल्पलाइन पर त्वरित एक्शन और 24×7 सहायता​

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और NCRP पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि ठगी की रकम को आगे के खातों में ट्रांसफर होने से तुरंत रोका जा सके। इसके लिए पुलिस और बैंकों के बीच 24×7 काम करने वाली रिस्पांस प्रणाली और सक्षम नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।

​जन-जागरूकता पर विशेष बल

​शासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत ‘1930’ डायल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। घटना के शुरुआती कुछ घंटों (Golden Hours) में दी गई सूचना से धनराशि को होल्ड कराना और पीड़ित को आर्थिक नुकसान से बचाना बेहद आसान हो जाता है।

​’अपराध मुक्त उत्तराखण्ड’ का संकल्प

​मुख्य सचिव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के ‘अपराध मुक्त एवं सुरक्षित उत्तराखण्ड’ के विजन को साकार करने के लिए सभी संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थाओं को एक साथ मिलकर परिणामोन्मुख (Result-Oriented) कार्रवाई करनी होगी।

बैठक में ये प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित:इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गृह सचिव श्री शैलेश बगोली, पुलिस महानिरीक्षक (साइबर) श्री नीलेश आनन्द भरने, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (STF) श्री अजय सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक देहरादून के क्षेत्रीय निदेशक व कार्यालय प्रमुख श्री हर्ष कुमार गौतम, पुलिस अधीक्षक (साइबर) श्री शान्तनु पाराशर सहित विभिन्न वित्तीय व बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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