कॉर्बेट पार्क में जिप्सियों का अकाल, तय रेटो से ज्यादा वसूले जा रहे पर्यटकों से रुपये

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विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट पार्क में ऑनलाइन परमिट होने के बावजूद भी कई पर्यटकों को जिप्सियां नही मिल पा रही है।
कॉर्बेट नेशनल पार्क में रोजाना

पर्यटकों को घुमाने के लिए लगभग डेढ़ सौ सफारी जिप्सियों की आवश्यकता होती है, पार्क प्रशासन ने यहां करीब 259 जिप्सियां पंजीकृत की हैं।फिर भी इन दिनों पर्यटन सीजन होने की वजह से कॉर्बेट की सीमा के भीतर ढिकाला,बिजरानी, झिरना, ढेला,दुर्गा देवी जोनों में घुमाने के लिए जिप्सियां मिलने में पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों को परमिट होने के बाद भी जिप्सी नहीं मिल पा रही। ऐसे में पार्क प्रशासन द्वारा सिर्फ पंजीकृत जिप्सियों को ही पार्क में प्रवेश देने के नियम पर सवाल उठ रहे हैं।

पर्यटकों को पार्क में जिप्सियों की किल्लत की वजह से निर्धारित दामों से कहीं ज्यादा में जिप्सी बुक करनी पड़ रही है। जिससे पार्क की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है।
कॉर्बेट जिप्सी यूनियन के अध्यक्ष मदन जोशी का कहना है कि यह समस्या कॉर्बेट प्रशासन की लापरवाही से उत्पन्न हो रही है।उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से कॉर्बेट पार्क में जिप्सियों के लिए रोटेशन प्रक्रिया शुरू करने की मांग करते आ रहे है लेकिन विभाग अनदेखी कर रहा है।


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