बिग ब्रेकिंग! बहुचर्चित हाईप्रोफाइल लूट मामले में मिली जमानत, पुलिस पर उठे सवाल !

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लोकजन टुडे:अभिषेक सिन्हा, देहरादूनः राजधानी में चुनाव के समय बहुचर्चित हाईप्रोफाइल प्रापर्टी डीलर से लूट के मामले में मंगलवार को इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता को जिला जज की अदालत से जमानत की मंजूरी दे दी है। बताते चलें कि इस मामले के आरोपित 16 अप्रैल से जेल में बंद हंै। हालांकि पुलिस की कार्यश्ौली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बताते चलें कि हाईप्रोफाइल लूटकांड की साजिश डब्ल्यूआइसी में रची गई। डब्ल्यूआइसी एक राजनैतिक दल के बड़े नेता के करीबी का है। प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार ने अपनी तहरीर में साफ कहा है कि उन्हें अनुपम शर्मा ने पेमेंट के लिए डब्ल्यूआइसी में बुलाया था। वहां अनुपम व अन्य लोगों के साथ काफी देर तक बैठे रहे। जब वहां से निकले तो डब्ल्यूआइसी का मैनेजर अर्जुन पंवार ही काले रंग का बैग लेकर उनकी कार में रखने आया था। सवाल उठता है कि अनुरोध यह खुद बैग लेकर अपनी कार तक क्यों नहीं गया। क्यों अर्जुन पंवार बैग लेकर उनकी कार तक आया था। क्या बैग बेहद भारी था। यदि ऐसा था तो निश्चित तौर पर उसमें मोटी रकम थी। यहां गौर करने वाली एक और बात है कि कुछ दिन पहले अनुपम शर्मा ने कहा था कि यह रुपये एक प्रत्याशी हैं, यदि उसका नाम खोलेगा तो राजनीति में भूचाल आ जाएगा। शायद यही वजह है कि प्रकरण की जांच उत्तराखंड पुलिस की सबसे बड़ी जांच एजेंसी को सौंपी गई है। जिसकी जांच और पल—पल की कार्रवाई पर पुलिस महकमे से लेकर आला अधिकारियों, नेताओं और आम लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। डीआइजी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल ने बताया कि रविवार को डब्ल्यूआइसी के मैनेजर से लंबी पूछताछ की जा चुकी है। अब साक्ष्य जुटाने और वारदात में संलिप्त अन्य चेहरों के बारे में जानकारी मिलने पर उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। वारदात और उसकी साजिश में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह है घटनाक्रमः
मुकदमे के वादी अनुरोध पंवार देहरादून के जानेमाने प्रॉपर्टी डीलर हैं। उन्हें बीते चार अप्रैल की रात अनुपम शर्मा नाम के व्यक्ति ने राजपुर रोड स्थित डब्ल्यूआइसी में पेमेंट के लिए बुलाया। अनुरोध वहां पहुंचे और अनुपम और वहां के मैनेजर अर्जुन पंवार से मिले। इस बीच उनके परिचित अनुपम शर्मा रकम से भरा बैग उनके पास लेकर आ गए। अर्जुन बैग लेकर अनुरोध को पार्किंग में खड़ी उनकी कार तक छोड़ने गया।

अनुरोध कार लेकर वहां से निकल पड़े। रात दस बजे के करीब होटल मधुवन के पास उन्हें सफेद रंग की स्कॉर्पियों से पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों ने रोक लिया और चुनाव में चेकिंग का हवाला देकर रकम लूट ली। इसके बाद अनुरोध को डरा—धमका कर भगा दिया। अनुरोध ने अगले दिन यानी पांच अप्रैल को इसकी पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत की। पांच दिन की प्रारंभिक जांच के बाद मामले में डालनवाला कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया।

इस हाई प्रोफाइल लूट कांड के साजिशकर्ता अनुपम शर्मा को मंगलवार को जिला जज की अदालत से जमानत मंजूर हो गई। बता दें कि बीते तीन मई को जिला जज की अदालत में अनुपम की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। बीते चार अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार से तीन पुलिसकर्मियों ने मोटी रकम लूट ली थी। इस वारदात में आईजी गढ़वाल की सरकारी स्कार्पियो का प्रयोग हुआ था। सभी आरोपित 16 अप्रैल से जेल में बंद है।

पुलिस की लापरवाह कार्यश्ौली फिर उजागर
यंू तो पुलिस अधिकांश मामले में इसी प्रकार की लापरवाही दिखाती है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी तक जो भी किया उससे काफी सवाल खड़े हो गए हैं। अभी तक पुलिस न तो बैग बरामद कर पाई और न ही वह कोई ऐसा सबूत ढूंढ पाई, जिससे कि लगे कि मामले की जांच आगे बढ़ पाती है। यही कारण है कि तमाम दावे पुलिस के एक बार फिर हवा हो गए हैं। इस मामले में भी यही सबकुछ हुआ है।


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