अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही है डग्गामारी का खेल

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लोकजन टुडे, देहरादूनः तमाम प्रयासों के बावजूद भी अस्थाई राजधानी देहरादून में बसों की डग्गामारी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला एक बार फिर देहरादून में आया है। ययहां पर जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और रोडवेज अधिकारियों की नाक के नीचे ट्रांसपोर्टरों ने दून से लखीमपुर तक डग्गामार बस दौड़ा दी। आइएसबीटी पर चेकिंग चलने की वजह से इस बस का संचालन हर्रावाला से किया जा रहा था। बस में न तो रजिस्ट्रेशन से जुड़े कागजात थे, ना ही फिटनेस, बीमा या चालक का लाइसेंस। इसमें 45 यात्री सवार थे और सभी से 500 रुपये प्रति सीट किराया लिया गया था। किराया वापस न मिलने पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। करीब एक घंटे बाद यात्रियों को रोडवेज की दूसरी बस से रवाना किया गया। वहीं, चेकिंग अभियान में आगरा जा रही एक एसी स्लीपर डग्गामार बस भी सीज की गई। इसके अलावा पांच टैक्सी मैक्सी कैब के चालान किये गए।

आइएसबीटी से सुबह से लेकर देर रात तक बेरोकटोक डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है। दिल्ली, आगरा, गुडग़ांव, फरीदाबाद, जयपुर समेत लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ तक के लिए डग्गामार बसें संचालित होने की सूचना थी, लेकिन अधिकारियों को ये नहीं पता था कि दून से लखीमपुर खीरी और गोरखपुर तक के लिए अवैध बसों का संचालन हो रहा। इनके टिकट भी ऑनलाइन बिक रहे हैं। बस अड्डे के बाहर रोडवेज के परिचालकों के सामने ही डग्गामार बसों के परिचालक भी सवारी उठाते हैं, लेकिन परिवहन विभाग या रोडवेज इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा। शासन के आदेश पर आइएसबीटी और इसके आसपास से नियमित संचालित होने वाली डग्गामार बसों, टैक्सी—मैक्सी कैब और अन्य वाहनों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग के साथ ही रोडवेज की छह टीमें गुजरे शनिवार से चेकिंग कर रहीं हैं। जिसमे आधा दर्जन डग्गामार बसें सीज हो चुकी हैं। मंगलवार को अभियान ठंडा रहा, लेकिन बुधवार को टीमें फिर चेकिंग को निकली। इस बार हरिद्वार हाइवे पर डोईवाला में चेकिंग की गई।

इस दौरान लखीमपुर जा रही साधारण बस (यूपी—15—सिटी—4732) को सीज किया गया। बस दिल्ली निवासी किसी असलम चौधरी की बताई जा रही।

इसी बीच पता चला कि बस अड्डे से कुछ दूरी पर एक डग्गामार एसी स्लीपर बस (यूपी—95टी—4153) आगरा जा रही है। जिस पर टीम तत्काल वहां पहुची और बस सीज कर दी। न्यू कल्पना ट्रेवल्स महोबा की यह बस वाया हरिद्वार से आगरा जा रही थी। जिसमे 12 सवारी मिली। इसमें महज दो आगरा की थी जबकि बाकी 10 हरिद्वार की। बस में 42 स्लीपर और आठ सीटें लगी थी। इस बस में भी कोई दस्तावेज मौजूद नहीं मिला। बस चालक का लाइसेंस भी फर्जी निकला। चेकिंग में एआरटीओ विकासनगर रत्नाकर सिंह, रोडवेज के एजीएम जेपी बडथ्वाल, केपी सिंह, हरेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह शामिल थे। इस दौरान भरतपुर राजस्थान से सवारी लेकर दून पहुची एक निजी बस का चालान भी किया गया। चेकिंग अभियान 25 अप्रैल यानी आज तक चलना है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अभियान गुरुवार को ही समाप्त नहीं होना चाहिए। ये रोजाना चलना चाहिए। बल्कि इसे दोपहर और रात की दो शिफ्टों में चलाया जाए। इसके लिए आज यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल परिवहन सचिव से मुलाकात करेगा।


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